लखनऊ। सरोजनीनगर क्षेत्र में मंगलवार को पीजीआई स्थित वृंदावन योजना मैदान में दस दिवसीय किसान क्रांति पदयात्रा का समापन एक विशाल किसान महापंचायत के साथ हुआ। इस अवसर पर हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित रहे और अपनी समस्याओं को लेकर एकजुट होकर आवाज बुलंद की।
महापंचायत में संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। किसानों ने क्षेत्र में हो रहे कथित उत्पीड़न, भूमि विवाद, अवैध कब्जों तथा पुलिस व राजस्व विभाग से जुड़े लंबित मामलों को लेकर गहरी नाराजगी जताई। इस संबंध में किसानों की ओर से एसीपी ऋषभ यादव को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें शीघ्र समाधान की मांग की गई। इसके साथ ही सरोजनीनगर तहसीलदार को भी किसानों के साथ हो रहे अन्याय के संबंध में ज्ञापन दिया गया।

ज्ञापन में चेतावनी दी गई कि यदि किसानों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की बातों को गंभीरता से सुना और लंबित मामलों के एक सप्ताह के भीतर समाधान अथवा निस्तारण का आश्वासन दिया।
महापंचायत को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर भानु प्रताप सिंह ने कहा कि “किसान देश की रीढ़ हैं और उनके सम्मान व अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि किसानों की जायज मांगों की अनदेखी हुई तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसानों को न्याय दिलाना है और राजस्व, पुलिस या किसी भी विभाग से जुड़ी समस्या में किसान संगठन हर स्तर पर किसानों के साथ खड़ा रहेगा।
महापंचायत में मौजूद किसानों ने यह भी संकल्प लिया कि भविष्य में यदि कोई प्रशासनिक समस्या उत्पन्न होती है तो वे प्रदेश प्रभारी ऋषि मिश्रा के नेतृत्व में संगठित होकर संघर्ष करेंगे।
कार्यक्रम के अंत में संगठन के पदाधिकारियों ने किसानों से एकजुट रहने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। महापंचायत शांतिपूर्ण और अनुशासित वातावरण में संपन्न हुई।
