मथुरा (उप्र), 8 फरवरी । मथुरा जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में छात्रों से नमाज़ पढ़ने को कहने के आरोप में निलंबित किए गए प्रधानाध्यापक को जांच में आरोप निराधार पाए जाने के बाद बहाल कर दिया गया है। जांच समिति ने शिक्षक को निर्दोष करार दिया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रतन कीर्ति ने रविवार को बताया कि प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक जान मोहम्मद को जांच रिपोर्ट के आधार पर बहाल कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “जांच समिति ने प्रधानाध्यापक को निर्दोष पाया है, जिसके बाद निलंबन समाप्त कर दिया गया।”
उल्लेखनीय है कि जान मोहम्मद को 31 जनवरी को निलंबित किया गया था। उनके खिलाफ 30 जनवरी को भारतीय जनता पार्टी के नौझील ब्लॉक अध्यक्ष दुर्गेश चौहान ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि विद्यालय में छात्रों से नमाज़ पढ़ने को कहा जाता है और राष्ट्रगान नहीं गाया जा रहा।
शिकायत के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने छाता और मांट विकास खंडों के खंड शिक्षा अधिकारियों की दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था। समिति को एक माह में रिपोर्ट सौंपनी थी, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए चार फरवरी को तीन दिन के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए।
जांच समिति ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए सभी आरोपों को बे-बुनियाद और तथ्यहीन बताया। इसके आधार पर प्रधानाध्यापक की बहाली का आदेश जारी किया गया।
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि पूरे प्रकरण की जानकारी जिलाधिकारी को दी जाएगी और झूठी शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है।
इस बीच, प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि यह जांच का विषय था और यदि मामला किसी साजिश के तहत सामने आया है तो शिकायतकर्ता के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षक को बहाल कर दिया गया है।
वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप माथुर ने मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानाध्यापक के मुस्लिम होने के कारण जानबूझकर झूठी शिकायत की गई। माथुर ने कहा कि इस तरह की घटनाएं सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाती हैं और एक ईमानदार शिक्षक को अनावश्यक रूप से परेशान किया गया।
