रेल परियोजनाओं को पूरा करने में बंगाल सरकार सहयोग करे : अश्विनी वैष्णव

कोलकाता, 8 फरवरी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को पश्चिम बंगाल सरकार से अपील की कि वह भूमि उपलब्ध कराने सहित राज्य में लंबित रेलवे परियोजनाओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार के साथ सहयोग करे। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल के विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी, बशर्ते राज्य सरकार आवश्यक सहयोग प्रदान करे।

वैष्णव बीरभूम जिले के सिउरी और पश्चिम बर्धमान के कुमारपुर में दो सड़क ओवरब्रिज के ऑनलाइन उद्घाटन तथा आसनसोल और झारखंड के बोकारो के बीच एमईएमयू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाने के बाद बोल रहे थे।

रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो के न्यू गड़िया–हवाई अड्डा खंड में चिंगरीघाटा क्रॉसिंग पर 366 मीटर लंबे वायडक्ट के निर्माण को लेकर चल रहे विवाद का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना एक वर्ष से अधिक समय से अटकी हुई है, जबकि यह मार्ग सॉल्ट लेक सेक्टर-5 जैसे आईटी हब से होकर गुजरता है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश और मेट्रो अधिकारियों द्वारा वैकल्पिक सड़क के निर्माण के बावजूद राज्य सरकार निर्माण की अनुमति नहीं दे रही है, जिससे आम जनता को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

वैष्णव ने कहा,
“मैं पश्चिम बंगाल के विकास के लिए राज्य सरकार से हाथ जोड़कर सहयोग का अनुरोध करता हूं। भूमि की अनुपलब्धता और स्थानीय स्तर पर अनुमतियां न मिलने के कारण कई महत्वपूर्ण रेलवे परियोजनाएं ठप पड़ी हैं।”

रेल मंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में पश्चिम बंगाल को रेलवे अवसंरचना और सुरक्षा परियोजनाओं के लिए 14,205 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वर्तमान में राज्य में 92,974 करोड़ रुपये की लागत से पटरी बिछाने, स्टेशन पुनर्विकास और सुरक्षा सुधार से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं।

उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम बंगाल के लिए एक दर्जन नई रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाए जाने का भी उल्लेख किया, जिनमें हावड़ा-कामाख्या (गुवाहाटी) के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस शामिल है।

वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि देश के समग्र विकास के लिए पूर्वोदय राज्यों की प्रगति बेहद जरूरी है।

रेल मंत्री ने कोलकाता मेट्रो के विस्तार की तुलना करते हुए कहा कि सेवा शुरू होने के 40 वर्षों बाद भी केवल 28 किलोमीटर की मेट्रो लाइन बन पाई थी, जबकि पिछले 11 वर्षों में मोदी सरकार के कार्यकाल में 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन जोड़ी गई।

उन्होंने यह भी घोषणा की कि उत्तर बंगाल के रणनीतिक ‘चिकन नेक’ गलियारे में एक भूमिगत रेल मार्ग का निर्माण किया जाएगा, जिससे आपात और रणनीतिक परिस्थितियों में सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा सके।

इसके अलावा, पूर्वी मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाली प्रस्तावित रेलवे लाइन के लिए भी राज्य प्रशासन के सहयोग की आवश्यकता बताई गई, जो अब तक नहीं मिल पाई है।

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