जम्मू-कश्मीर को जलविद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता का उपयोग करना चाहिए : अमित शाह

जम्मू। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश को जलविद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार विकसित और समृद्ध जम्मू-कश्मीर के निर्माण के लिए दृढ़ संकल्पित है।

यहां लोक भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार के निरंतर और समर्पित प्रयासों से जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं ने अभूतपूर्व गति पकड़ी है। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, मुख्य सचिव अटल दुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। करीब दो घंटे चली बैठक में सड़क, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी एवं ऑप्टिकल-फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों की व्यापक समीक्षा की गई।

गृह मंत्री ने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत लागू करने और यह सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि विकास परियोजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने युवाओं को विकास से जोड़ने के लिए खेल बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और खेल अकादमियों की स्थापना पर जोर दिया तथा बताया कि इस दिशा में विभिन्न खेल निकायों के सहयोग से लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रयास किया जाएगा।

अमित शाह ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी रेखांकित की। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार जम्मू-कश्मीर को पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50 वर्षों के ब्याज-मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध होगी। मजबूत राजकोषीय अनुशासन से समय के साथ केंद्र शासित प्रदेश के राजकोषीय घाटे को स्थिर करने में मदद मिलेगी।

इससे पहले, शाह बृहस्पतिवार देर रात जम्मू पहुंचे। शुक्रवार को उन्होंने कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गुरनाम और बोबियान स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की अग्रिम चौकियों का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने की रणनीति पर विचार करना था।

गृह मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके अलावा, भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी उनसे भेंट की।

बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर गृह मंत्री ने लिखा कि जम्मू में भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के पदाधिकारियों, विधायकों और सांसदों के साथ बैठकें की गईं। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘विकसित जम्मू-कश्मीर, सुरक्षित जम्मू-कश्मीर’ के दृष्टिकोण को साकार करने और मोदी सरकार की विकास योजनाओं की जमीनी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।

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