इस्लामाबाद आत्मघाती हमला: भारत पर आरोप लगाकर पाकिस्तान खुद को भ्रमित कर रहा है – विदेश मंत्रालय

इस्लामाबाद/नई दिल्ली। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार को एक शिया मस्जिद में हुए भीषण आत्मघाती हमले ने पूरे देश को दहला दिया। जुमे की नमाज़ के दौरान तरलाई इलाके की इमाम बारगाह खदीजत-उल-कुबरा में हुए इस विस्फोट में अब तक 31 लोगों की मौत और 169 से अधिक लोग घायल होने की पुष्टि हुई है। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है।

धमाके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा बलों ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र को घेर लिया और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

पाकिस्तान ने फिर भारत पर लगाए आरोप

हमले के तुरंत बाद पाकिस्तान ने बिना किसी ठोस सबूत के भारत पर आरोप लगाने की कोशिश की। हालांकि, भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पाकिस्तान को कड़ा जवाब दिया है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा,

“भारत इस निंदनीय आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करता है और पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपने सामाजिक ताने-बाने में व्याप्त समस्याओं का गंभीरता से समाधान करने के बजाय अपने घरेलू संकटों के लिए दूसरों को दोषी ठहराकर खुद को भ्रमित करने का विकल्प चुन रहा है।”

भारत ने आरोपों को बताया निराधार

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार, निरर्थक और तथ्यहीन हैं। भारत ने दो टूक कहा कि आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान का यह रवैया न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि वैश्विक समुदाय को गुमराह करने की कोशिश भी है।

टीटीपी से जुड़े हमलावर का शक

पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि यह हमला तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़े एक आत्मघाती हमलावर ने किया। बताया जा रहा है कि जब सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को मस्जिद के गेट पर रोका, तो उसने खुद को विस्फोट से उड़ा लिया।

आतंकवाद पर दोहरा रवैया

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान एक बार फिर अपने देश में पनप रहे आतंकवाद से ध्यान भटकाने के लिए भारत पर आरोप मढ़ने की पुरानी रणनीति अपना रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत लगातार पाकिस्तान को आतंकवाद को संरक्षण देने के मुद्दे पर घेरता रहा है।

इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा स्थिति और वहां सक्रिय आतंकी संगठनों की गंभीर चुनौती को उजागर कर दिया है।

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