शिवपाल सिंह का SIR के दौरान मतदान कर्मियों को धमकाने और पीडीए मतदाताओं के नाम कटवाने का आरोप

इटावा (उप्र), 4 फरवरी – समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने बुधवार को आरोप लगाया कि इटावा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान भारतीय जनता पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर के अधिकारियों (बीएलओ) को डराया-धमकाया और कुछ स्थानों पर उनके साथ मारपीट भी की। उन्होंने दावा किया कि यह सब ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) वर्ग के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटवाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

शिवपाल सिंह यादव ने जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ला से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए तो समाजवादी पार्टी आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में यादव ने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और अल्पसंख्यकों व पीडीए समुदाय के मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से कटवाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि बीएलओ और बूथ-लेवल एजेंटों (बीएलए) पर दबाव बनाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग के नियमों के अनुसार किसी मतदाता का नाम सूची से हटवाने के लिए फॉर्म-7 का प्रयोग किया जाता है, लेकिन इसका दुरुपयोग कर वोट कटवाने की कोशिश की जा रही है।

सपा नेता ने कहा कि जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान किसी भी बीएलओ, बीएलए या अन्य संबंधित व्यक्ति को दोबारा धमकाया गया तो समाजवादी पार्टी जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन शुरू करेगी।

यादव ने कहा, “अगर ऐसे काम जारी रहे, तो हम यहीं से अपना आंदोलन शुरू करेंगे।”

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