नयी दिल्ली, एक फरवरी- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में बजट के दिन शेयर बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है। वर्ष 2014 के बाद से अब तक पेश किए गए 15 केंद्रीय बजटों में से आठ मौकों पर बीएसई का मानक सूचकांक सेंसेक्स नकारात्मक दायरे में बंद हुआ है।
मोदी सरकार ने 2014 के बाद कुल 15 बजट पेश किए हैं, जिनमें 2019 और 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले पेश किए गए दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं। रविवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश किए जाने के दौरान वायदा अनुबंध सौदों पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाने के प्रस्ताव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। इसका असर यह रहा कि सेंसेक्स और निफ्टी में लगभग दो प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 2,370.36 अंक यानी 2.88 प्रतिशत टूटकर 80,000 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 79,899.42 अंक तक आ गया था। हालांकि, बाद में कुछ सुधार के साथ यह 1,546.84 अंक यानी 1.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 80,722.94 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 495.20 अंक यानी 1.96 प्रतिशत गिरकर 24,825.45 अंक पर बंद हुआ। दिन के दौरान यह 748.90 अंक यानी 2.95 प्रतिशत टूटकर 24,571.75 अंक तक लुढ़क गया था।
पिछले वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो बजट के दिन सेंसेक्स का रुख कभी तेजी तो कभी गिरावट का रहा है। वर्ष 2025 में बजट के दिन सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 77,505.96 अंक पर बंद हुआ था, जबकि 2024 में अंतरिम बजट के दिन इसमें 1.14 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 71,645.30 अंक पर बंद हुआ था।
वर्ष 2023 में सेंसेक्स 0.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 59,708.08 अंक पर रहा, जबकि 2022 में 1.46 प्रतिशत और 2021 में करीब पांच प्रतिशत की मजबूत तेजी दर्ज की गई थी। इसके विपरीत, वर्ष 2020 में बजट के दिन सेंसेक्स 2.42 प्रतिशत गिर गया था।
वर्ष 2019 के पूर्ण बजट में सेंसेक्स 0.58 प्रतिशत चढ़ा था, हालांकि उसी वर्ष पेश अंतरिम बजट के दिन इसमें 0.98 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इससे पहले 2018 में बजट के दिन सेंसेक्स 0.16 प्रतिशत टूटा था, जबकि 2017 में इसमें 1.75 प्रतिशत की तेजी आई थी।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 से बजट प्रस्तुति की तारीख एक फरवरी कर दी गई, ताकि संसद से अनुमोदन प्रक्रिया मार्च के अंत तक पूरी हो सके और बजट को नए वित्त वर्ष की शुरुआत से ही लागू किया जा सके। इससे पहले 2016 में सेंसेक्स 0.65 प्रतिशत और 2015 में 0.48 प्रतिशत चढ़ा था, जबकि 2014 में यह 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।
