जुबिन गर्ग की मौत मामले में त्वरित सुनवाई की मांग, परिवार ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र

जुबिन गर्ग

गुवाहाटी, 24 जनवरी  — असम के प्रसिद्ध गायक-संगीतकार और सांस्कृतिक प्रतीक जुबिन गर्ग के परिवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर सिंगापुर में हुई उनकी रहस्यमय मौत के मामले में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने और उचित राजनयिक-कानूनी कार्रवाई के लिए भारत में एक विशेष अदालत के गठन का अनुरोध किया है।

जुबिन की पत्नी गरिमा, बहन पालमी बोरठाकुर और चाचा मनोज बोरठाकुर द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया है कि यह मामला केवल एक परिवार का नहीं, बल्कि लाखों प्रशंसकों की भावनाओं से जुड़ा है, जो स्पष्टता और न्याय की मांग कर रहे हैं। परिवार ने आग्रह किया है कि न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी आरोपी को जमानत न दी जाए।

पत्र में बताया गया है कि असम पुलिस की सीआईडी गुवाहाटी में मामले की जांच कर रही है, जबकि सिंगापुर के अधिकारी भी अपनी अलग जांच चला रहे हैं। परिवार दोनों देशों के जांच एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है, लेकिन भारत में विशेष अदालत के गठन से त्वरित सुनवाई और जनविश्वास की बहाली संभव होगी।

परिवार ने यह भी मांग की है कि यदि आवश्यक हो तो असम सरकार की ओर से गठित पांच सदस्यीय टीम की सहायता के लिए अतिरिक्त सरकारी वकीलों की नियुक्ति की जाए, ताकि मुकदमे की कार्यवाही उच्चतम पेशेवर दक्षता और गंभीरता के साथ आगे बढ़ सके।

इसके साथ ही, सिंगापुर के साथ “सक्रिय राजनयिक और कानूनी सहयोग” सुनिश्चित करने की अपील की गई है, ताकि वहां की कोरोनर कोर्ट में चल रही सुनवाई की उच्चस्तरीय निगरानी हो सके और सभी प्रासंगिक साक्ष्य व गवाहियां भारतीय अधिकारियों को उपलब्ध कराई जा सकें।

उल्लेखनीय है कि जुबिन गर्ग की 19 सितंबर को सिंगापुर में समुद्र में तैरते समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल में भाग लेने के लिए वहां गए थे। राज्य पुलिस की सीआईडी के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस मामले में 12 दिसंबर को आरोपपत्र दाखिल किया था। अब तक गिरफ्तार सात लोगों में से चार पर हत्या और एक पर गैर-इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है।

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