लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अदालत परिसर के भीतर एक फरार महिला को गिरफ्तार करने की कोशिश करना तीन पुलिसकर्मियों को महंगा पड़ गया। नियमों के उल्लंघन के आरोप में संबंधित तीनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, ये पुलिसकर्मी एक ऐसी महिला को पकड़ने के प्रयास में थे, जिसने वैवाहिक विवाद के चलते अपने ही पति को झूठे मामलों में फंसाने की कथित तौर पर दो बार साजिश रची थी। मामला 14 जनवरी का है, जब काकोरी क्षेत्र में पुलिस ने एक ऑनलाइन पोर्टर वाहन को रोककर करीब 12 किलोग्राम संदिग्ध गोमांस बरामद किया था।
जांच में सामने आया कि यह गोमांस अमीनाबाद के एक व्यापारी वासिफ को सप्लाई किया जाना था। वासिफ ने इस मामले में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया, जिसके बाद पुलिस ने गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को संदेह हुआ कि कारोबारी को जानबूझकर फंसाने के लिए यह खेप भेजी गई थी।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जांच में वैवाहिक विवाद से जुड़ी एक कथित साजिश का खुलासा हुआ, जिसमें वासिफ की पत्नी अमीना और उसके साथी अमान (भोपाल निवासी) की भूमिका सामने आई। इससे पहले भी इसी तरह के एक मामले में अमान को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अमीना फरार चल रही है।
पुलिस के अनुसार, इसी सप्ताह की शुरुआत में कुछ पुलिसकर्मियों ने लखनऊ उच्च न्यायालय परिसर के भीतर अमीना को गिरफ्तार करने का प्रयास किया। इस कार्रवाई के बाद महिला के वकील ने संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराई। मामले को गंभीरता से लेते हुए गोमती नगर के विभूति खंड थाने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमों के उल्लंघन को लेकर प्राथमिकी दर्ज की गई।
प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 329(3) (आपराधिक अतिक्रमण), 351(3) (आपराधिक धमकी) और 352 (शांति भंग करने के इरादे से उकसाना) के तहत आरोप लगाए गए हैं।
लखनऊ पश्चिम के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विश्वजीत श्रीवास्तव ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि घटना के संबंध में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने कहा, “कथित साजिश और निलंबित पुलिसकर्मियों की कार्रवाई—दोनों की जांच की जा रही है। पुलिस नामजद महिला की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।”
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
