खर्च और वित्तीय लागत बढ़ने से अदाणी ग्रीन एनर्जी का मुनाफा 99% घटा, तिमाही लाभ पांच करोड़ रुपये रहा

नयी दिल्ली, 23 जनवरी । अदाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड का चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर–दिसंबर) में एकीकृत शुद्ध लाभ लगभग 99 प्रतिशत घटकर मात्र पांच करोड़ रुपये रह गया। कंपनी ने यह गिरावट मुख्य रूप से कुल खर्च और वित्तीय लागत में उल्लेखनीय वृद्धि को कारण बताया है।

शुक्रवार को शेयर बाजार को दी गई सूचना के अनुसार, दिसंबर 2024 की समान तिमाही में कंपनी ने 474 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया था। हालांकि, आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 2,961 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले इसी अवधि में 2,329 करोड़ रुपये था।

वित्तीय लागत में भी तेज उछाल देखा गया। यह पिछले वर्ष के 1,251 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,698 करोड़ रुपये हो गई। इसके बावजूद, कंपनी की कुल आय में वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 2,837 करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह 2,636 करोड़ रुपये थी।

कंपनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) आशीष खन्ना ने बयान में कहा कि अदाणी ग्रीन एनर्जी वर्ष 2026 में भी अपनी असाधारण विकास यात्रा को जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी वर्तमान में 5.6 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता जोड़ रही है, जो भारत में स्थापित की जा रही कुल नई सौर और पवन ऊर्जा क्षमता का लगभग 14 प्रतिशत है।

खन्ना ने कहा कि इस उपलब्धि से देश के अग्रणी हरित ऊर्जा प्रदाता के रूप में कंपनी की स्थिति और मजबूत हुई है। वर्तमान में अदाणी ग्रीन एनर्जी की कुल परिचालन क्षमता 17.2 गीगावाट तक पहुंच चुकी है।

सीईओ के अनुसार, चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 27 अरब यूनिट से अधिक स्वच्छ बिजली का उत्पादन किया है, जो अजरबैजान जैसे देश को एक वर्ष तक बिजली आपूर्ति करने के लिए पर्याप्त है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान कंपनी की परिचालन क्षमता सालाना आधार पर 48 प्रतिशत बढ़ी है।

उन्होंने कहा कि कंपनी 50 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के अपने दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ रही है।

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