गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेगी वायुसेना, पहली बार बैंड में शामिल होंगी नौ महिला अग्निवीर

गणतंत्र दिवस

नयी दिल्ली, 22 जनवरी । देश के सैन्य इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान पहली बार भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के बैंड में नौ महिला अग्निवीर शामिल होंगी। ये महिला अग्निवीर 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर वाद्ययंत्रों से सजीव और मधुर धुनें प्रस्तुत करते हुए मार्च करेंगी।

भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को यहां आयोजित एक प्रेस वार्ता में बताया कि फ्लाइट लेफ्टिनेंट अक्षिता धनखड़ औपचारिक परेड से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराए जाने के दौरान सहयोग करेंगी।

अधिकारियों के अनुसार, सार्जेंट चार्ल्स एंटनी डेनियल के नेतृत्व में वायुसेना का बैंड मार्च करेगा, जिसके ठीक पीछे 144 वायुसैनिकों का मार्चिंग दस्ता चलेगा। इस दस्ता का नेतृत्व स्क्वॉड्रन लीडर जगदीश कुमार करेंगे।
इसके अलावा, स्क्वॉड्रन लीडर निकिता चौधरी, फ्लाइट लेफ्टिनेंट प्रखर चंद्राकर और फ्लाइट लेफ्टिनेंट दिनेश मुरली परेड में अतिरिक्त अधिकारियों के रूप में भारतीय वायुसेना दल का हिस्सा होंगे।

फ्लाई-पास्ट में 29 विमान, आठ आकर्षक संयोजन

अधिकारियों ने बताया कि गणतंत्र दिवस परेड के दौरान होने वाले फ्लाई-पास्ट में कुल 29 विमान भाग लेंगे, जिनमें 16 लड़ाकू विमान, चार परिवहन विमान और नौ हेलीकॉप्टर शामिल होंगे।
फ्लाई-पास्ट को दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में परेड के साथ-साथ चार संयोजन दिखाई देंगे, जबकि शेष चार संयोजन परेड समाप्त होने के बाद प्रदर्शित किए जाएंगे। इनमें पिछले वर्ष मई में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के उपलक्ष्य में एक विशेष अग्रिम पंक्ति संयोजना भी शामिल होगी।

वायुसेना बैंड में 66 अग्निवीर, पहली बार महिला सहभागिता

वायुसेना मुख्यालय के समारोह निदेशालय के एयर कमोडोर इमरान एच. जैदी ने बताया कि 75 सदस्यीय भारतीय वायुसेना बैंड में 66 अग्निवीर शामिल होंगे, जिनमें नौ महिला अग्निवीर होंगी। यह पहला अवसर होगा जब महिला अग्निवीर गणतंत्र दिवस परेड में वायुसेना बैंड का हिस्सा बनेंगी।

परेड में भाग लेने वाले अधिकारियों का उत्साह

33 वर्षीय स्क्वॉड्रन लीडर जगदीश कुमार ने कहा,
“गणतंत्र दिवस परेड में यह मेरी पहली भागीदारी है। कर्तव्य पथ पर अपनी सेवा का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए गर्व की बात है।”

तमिलनाडु के मूल निवासी कुमार ने बताया कि वह अपने परिवार में सशस्त्र बलों में शामिल होने वाले पहले व्यक्ति हैं। उन्होंने दिसंबर और जनवरी की कड़ाके की ठंड में दिल्ली में अभ्यास की चुनौतियों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा,
“हम सुबह करीब चार बजे अभ्यास स्थल पर पहुंचते हैं और सात से आठ घंटे तक अभ्यास करते हैं, ताकि परेड के दिन सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।”

महिला अधिकारियों और अग्निवीरों का गर्व

स्क्वॉड्रन लीडर निकिता चौधरी, जो टुकड़ी में शामिल तीन अतिरिक्त अधिकारियों में से एक हैं, भी पहली बार औपचारिक परेड में भाग ले रही हैं। उन्होंने कहा,
“मैं फाइटर कंट्रोलर शाखा में कार्यरत हूं। युद्ध की स्थिति में हमारी भूमिका बेहद अहम होती है और ऐसे ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनना गर्व की बात है।”

उत्तर प्रदेश के मथुरा की रहने वाली 19 वर्षीय महिला अग्निवीर सुरभि शर्मा ने बताया कि वह सैक्सोफोन बजाती हैं और इस प्रतिष्ठित परेड का हिस्सा बनना उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है।

देशभक्ति की धुनों से गूंजेगा कर्तव्य पथ

सलामी मंच तक पहुंचने से पहले वायुसेना का बैंड ‘निडर योद्धा’, ‘सारे जहां से अच्छा’ सहित कई देशभक्ति धुनें बजाएगा। मंच के सामने ‘साउंड बैरियर’ और मंच पार करने के बाद ‘लड़ाकू’ धुन प्रस्तुत की जाएगी।

महिला अग्निवीरों की यह ऐतिहासिक भागीदारी न केवल वायुसेना की बदलती तस्वीर को दर्शाएगी, बल्कि सशस्त्र बलों में महिलाओं की बढ़ती भूमिका का भी सशक्त संदेश देगी।

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