लखनऊ, 21 जनवरी, 2026: उत्तर प्रदेश के जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह ने आज सिंचाई विभाग (यांत्रिक संगठन) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि प्रदेश में राजकीय नलकूपों और पम्प नहरों के सुदृढ़ संचालन से सिंचाई क्षमता में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नलकूपों और पम्प नहरों के संचालन एवं अनुरक्षण में गुणवत्ता, समयबद्धता और नवाचार को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए, ताकि किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल सके और कृषि उत्पादन में वृद्धि हो।
बैठक में मंत्री ने कहा कि विगत आठ वर्षों में प्रदेश में कुल 291 परियोजनाएँ पूर्ण हुई हैं, जिनसे लगभग 7.50 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन/पुनर्स्थापन हुआ और लगभग 7.44 लाख कृषक परिवार प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने विशेष रूप से रबी और खरीफ फसलों के सिंचाई काल में किसी भी प्रकार की बाधा न आने देने पर जोर दिया।
मंत्री ने कहा, “राजकीय नलकूपों की सतत क्रियाशीलता सुनिश्चित की जाए और नलकूपों एवं पम्प नहरों के अनुरक्षण कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाएँ। क्षेत्रीय स्तर पर नियमित निरीक्षण और मॉनिटरिंग की व्यवस्था मजबूत की जाए और फील्ड से प्राप्त फीडबैक के आधार पर त्वरित कार्यवाही की जाए। साथ ही, लाभार्थी किसानों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि सिंचाई संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जा सके।”
बैठक में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में 36,094 राजकीय नलकूप संचालित हैं, जिनके माध्यम से लगभग 30.06 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा, 257 लघु डाल नहरें संचालित हैं, जिनसे लगभग 1.88 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता प्राप्त हो रही है। प्रदेश में 30 वृहद एवं मध्यम पम्प नहरें कार्यशील हैं, जिन्हें यांत्रिक संगठन द्वारा सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है।
श्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प को साकार करने में सिंचाई विभाग के अभियंताओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से न केवल प्रदेश की सिंचाई व्यवस्था सुदृढ़ हुई है, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत किया गया है।
बैठक में जलशक्ति राज्य मंत्री श्री रामकेश निषाद, प्रमुख सचिव सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग श्री अनिल गर्ग, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष श्री संदीप कुमार, प्रमुख अभियंता परिकल्प एवं नियोजन श्री अशोक कुमार सिंह, एमडी यूपीपीसीएल श्री संतोष कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
मंत्री ने बैठक के अंत में अधिकारियों को यह निर्देश भी दिया कि राजकीय नलकूपों एवं पम्प नहरों के संचालन और अनुरक्षण में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रदेश के किसानों को अधिकतम लाभ और निरंतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सके।
