शाहजहांपुर, छह जनवरी। जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कैंप कार्यालय सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निगम और समस्त नगर निकायों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि तीन दिनों के भीतर प्रत्येक वार्ड से पानी के सैंपल अलग-अलग स्थानों से लेकर लैब में परीक्षण कराए जाएं।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी पानी की टंकियों की 15 दिनों के भीतर साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, विशेषकर मलिन बस्तियों में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने पिछले छह माह में पेयजल से संबंधित प्राप्त शिकायतों का अवलोकन कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में सीवर लाइन और पेयजल पाइपलाइन के क्रॉस-कनेक्शन की नियमित जांच की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि कहीं भी सीवर या पाइपलाइन टूटी, क्षतिग्रस्त या रिसाव की स्थिति में न हो। अगर कहीं टूट-फूट या रिसाव पाया जाता है तो तत्काल मरम्मत या पुनर्स्थापन कराया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीवर लीकेज की स्थिति में भी संबंधित क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही जलापूर्ति से जुड़े टंकियों की नियमित सफाई, नलकूप, हैंडपंप, ओवरहेड टैंक, पाइपलाइन और अन्य उपकरणों का सही संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि उपभोक्ता स्तर पर जल के नमूने नियमित रूप से एकत्र कर उनका ओटी परीक्षण कराया जाए और पुरानी, टूटी-फूटी पाइप लाइनों को प्राथमिकता के आधार पर बदला जाए। सभी कार्यों के लिए नगर निकाय, जलकल विभाग और स्वास्थ्य विभाग के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
बैठक में नगर आयुक्त डॉ. विपिन कुमार मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन रजनीश कुमार मिश्र, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण सनी सिंह, शहरी मो. अय्याज सहित विभिन्न नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित थे।
