लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की जन्म-जयंती के अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने सुशांत गोल्फ सिटी स्थित कल्याण सिंह चौक पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने ‘बाबू जी’ के योगदान को नमन करते हुए कहा कि कल्याण सिंह का व्यक्तित्व विराट और कृतित्व अडिग राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत था।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि कल्याण सिंह ने सिद्धांतों को सत्ता से ऊपर रखा और आस्था को हर राजनीतिक सुविधा से बड़ा मानते हुए अपने जीवन का मार्ग तय किया। श्रीराम मंदिर निर्माण की पाँच सौ वर्षों की तपस्या की पूर्णाहुति में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने सारी जिम्मेदारी स्वयं पर ली, पर निहत्थे कारसेवकों पर गोली नहीं चलने दी—इसके लिए सुप्रीम कोर्ट तक का सामना किया।
विधायक ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए कल्याण सिंह ने शिक्षा के विस्तार को प्राथमिकता दी। 20 हजार से अधिक प्राथमिक विद्यालयों की स्थापना कर शिक्षा की पहुंच गांव-गांव तक सुनिश्चित की। नकल-विरोधी अध्यादेश लाकर उत्तर प्रदेश की डिग्रियों पर लगे नकल के कलंक को मिटाया और प्रदेश को नकल-मुक्त दिशा दी। सुशासन की नींव रखते हुए उन्होंने यूपी एसटीएफ का गठन किया, जो आज प्रदेश में सशक्त कानून-व्यवस्था का आधार है। ईमानदारी, अनुशासन और पारदर्शिता को शासन की आत्मा बनाकर उन्होंने प्रशासन को नई दिशा दी।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि कल्याण सिंह ‘बाबू जी’ का नाम लेते ही हृदय सम्मान और कृतज्ञता से भर उठता है। उनका जीवन राष्ट्रहित, सुशासन और जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण है।
इस अवसर पर भाजपा नेता शैलेन्द्र सिंह, शंकरी सिंह, मंडल अध्यक्ष मोहित तिवारी, विवेक राजपूत, किसान नेता मदन चंद लोधी, बद्री प्रसाद, सतगुरु शरण, संजय लोधी, वीरपाल, बबलू रावत, राजकुमार रोहित, विशाल लोधी, ब्रजेश रावत, प्रिंस तिवारी, यदशुल यादव, ओम प्रकाश यादव, सुमन सिंह राठौर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे
