मोदी सरकार में पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना खत्म होने के कगार पर: कांग्रेस

कांग्रेस के ‘पूर्व सैनिक विभाग’ के प्रमुख कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी

नई दिल्ली, 2 जनवरी । कांग्रेस ने शुक्रवार को केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर पूर्व सैनिकों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए दावा किया कि पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) गंभीर वित्तीय संकट में है और समाप्ति के कगार पर पहुंच चुकी है। पार्टी ने इस दावे के समर्थन में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट का हवाला दिया।

कांग्रेस के ‘पूर्व सैनिक विभाग’ के प्रमुख कर्नल (सेवानिवृत्त) रोहित चौधरी ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार द्वारा समय पर और पर्याप्त धनराशि आवंटित नहीं किए जाने के कारण ईसीएचएस की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस योजना के लिए हर वर्ष कम से कम 14 हजार करोड़ रुपये का आवंटन सुनिश्चित किया जाए।

चौधरी ने कहा, “जवानों को यह भरोसा होता है कि देश की सेवा के बाद सेवानिवृत्ति पर सरकार उनका और उनके परिवार का ख्याल रखेगी, लेकिन मोदी सरकार इस भरोसे के साथ खिलवाड़ कर रही है।” उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 2003 में पूर्व सैनिकों के लिए ईसीएचएस की शुरुआत की गई थी और इसे एक ‘कैशलेस’ और ‘कैपलेस’ स्वास्थ्य योजना बताया गया था।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि कैग की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व सैनिकों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सरकार ने न तो उसके अनुरूप व्यवस्थाएं कीं और न ही बजट में पर्याप्त वृद्धि की। उन्होंने कहा कि वित्तीय संसाधनों की कमी के कारण योजना के तहत अस्पतालों और सेवा प्रदाताओं के बकाया भुगतान भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं।

चौधरी के अनुसार, वर्ष 2023-24 में ईसीएचएस को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 13,500 करोड़ रुपये की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने इसके मुकाबले केवल 9,831 करोड़ रुपये ही उपलब्ध कराए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस कमी का सीधा असर पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है।

उन्होंने यह भी कहा कि कैग की रिपोर्ट में सेना में जवानों की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया गया है और इसे शीघ्र भरने की आवश्यकता बताई गई है। चौधरी ने मांग की कि ईसीएचएस को पूर्व सैनिक कल्याण विभाग से हटाकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) के अधीन लाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सैनिक कल्याण विभाग ने ईसीएचएस की प्रशासनिक शक्तियां कमजोर कर दी हैं।

कांग्रेस नेता ने सरकार से मांग की कि ईसीएचएस की प्रशासनिक शक्तियां बहाल की जाएं, 14 हजार करोड़ रुपये का वार्षिक आवंटन किया जाए और लंबित बिलों का तत्काल भुगतान हो। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 30 जनवरी के बाद पूर्व सैनिक दिल्ली आकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे और उनके माध्यम से सरकार से बातचीत की जाएगी।

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