चेन्नई, 2 दिसंबर ।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को कहा कि जब “बुरे पड़ोसियों” की बात आती है, तो भारत को अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोई भी पड़ोसी देश यदि भारत में आतंकवाद फैलाना जारी रखता है, तो वह भारत से पानी साझा करने की मांग नहीं कर सकता।
चेन्नई में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के छात्रों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जयशंकर ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि भारत की प्रगति पूरे क्षेत्र के लिए सकारात्मक है और अधिकांश पड़ोसी देश मानते हैं कि भारत के विकास से उन्हें भी लाभ होता है। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले “बुरे पड़ोसियों” के प्रति भारत का रुख सख्त और स्पष्ट रहेगा।
जयशंकर ने कहा, “आप हमारे देश में आतंकवाद फैलाते रहें और साथ ही हमसे पानी साझा करने का अनुरोध करें, यह स्वीकार्य नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में भारत अपने लोगों की रक्षा करेगा और हर संभव कदम उठाएगा।”
विदेश मंत्री ने “अच्छे पड़ोसियों” के प्रति भारत के सहयोगात्मक रवैये को रेखांकित करते हुए कहा कि भारत ने हमेशा निवेश करने, मदद देने और संसाधन साझा करने में उदारता दिखाई है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान वैक्सीन आपूर्ति, यूक्रेन संघर्ष के समय ईंधन और खाद्य सहायता तथा श्रीलंका को उसके वित्तीय संकट के दौरान दी गई चार अरब अमेरिकी डॉलर की मदद का उल्लेख किया।
जयशंकर ने कहा कि गलतफहमियों से बचने के लिए संवाद अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा, “लोगों को आपको गलत समझने से रोकने का सबसे प्रभावी तरीका स्पष्ट, ईमानदार और निरंतर संवाद है। जब आप ऐसा करते हैं, तो दुनिया उसका सम्मान करती है।”
उन्होंने भारत की सांस्कृतिक विरासत और सभ्यतागत निरंतरता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि दुनिया की बहुत कम प्राचीन सभ्यताएं आधुनिक राष्ट्र के रूप में उभर सकी हैं और भारत उनमें से एक है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत द्वारा लोकतांत्रिक राजनीतिक मॉडल अपनाने के फैसले ने लोकतंत्र को एक वैश्विक अवधारणा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
