लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में नए साल के जश्न के दौरान नशे की हालत में हंगामा करने और पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज करने के आरोप में बाराबंकी पुलिस लाइन में तैनात एक दारोगा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) विकास कुमार जायसवाल ने बताया कि बुधवार और बृहस्पतिवार की दरमियानी रात करीब साढ़े 12 बजे दारोगा अमित जायसवाल अपनी कार से हजरतगंज पहुंचा था। नए साल के जश्न को देखते हुए इलाके में मार्ग परिवर्तन और बैरिकेडिंग की गई थी। यातायात पुलिस कर्मियों ने जब उसे वैकल्पिक मार्ग से जाने के लिए कहा, तो वह उनसे उलझ गया और कथित तौर पर गाली-गलौज व धमकी देने लगा।
एसीपी के अनुसार, दारोगा ने अपनी कार बैरिकेडिंग पर चढ़ा दी और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों के साथ लगातार दुर्व्यवहार करता रहा। सूचना मिलने पर पुलिस उपायुक्त (यातायात) कमलेश दीक्षित भी मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोपी दारोगा ने उनके साथ भी अभद्रता की। बाद में जब उसे पता चला कि दीक्षित उसके वरिष्ठ अधिकारी हैं, तो वह शांत हुआ और उनसे क्षमा मांगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि माफी मांगने के बावजूद आरोपी को हजरतगंज थाने ले जाया गया, जहां उसके खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। साथ ही विभागीय कार्रवाई के लिए बाराबंकी जिले के पुलिस अधीक्षक को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।
एसीपी विकास कुमार जायसवाल ने बताया कि आरोपी की मेडिकल जांच कराई गई है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दारोगा के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
