लखनऊ, 11 फरवरी, 2026- वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत उत्तर प्रदेश सरकार का बजट ग्रामीण विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में सामने आया है। पंचायती राज विभाग को ₹32,090 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 67 प्रतिशत अधिक है। इसे ग्राम स्वराज और सशक्त पंचायतों की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
यह बजट इस बात का संकेत देता है कि प्रदेश के विकास में गांवों और पंचायतों की भूमिका को और मजबूत किया जा रहा है।
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने इसे “गांवों के स्वाभिमान, आत्मनिर्भरता और आधुनिकता का बजट” बताते हुए कहा कि यह प्रावधान ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक क्षमता को मजबूत करेगा। उनके अनुसार, इससे पंचायतों को प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय रूप से अधिक सक्षम बनाया जा सकेगा।
स्वच्छता और पर्यावरण पर जोर
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ₹2,823 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस राशि का उपयोग ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने और गांवों में स्वच्छता के मानकों को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
डिजिटल समावेशन की पहल
ग्राम पंचायत एवं वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के लिए ₹454 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण युवाओं को ई-लर्निंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और तकनीकी संसाधनों तक पहुंच उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।
खेल और स्वास्थ्य को बढ़ावा
ग्रामीण स्टेडियम और ओपन जिम के निर्माण के लिए ₹130 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। इसका उद्देश्य गांवों में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और युवाओं को फिटनेस के प्रति प्रेरित करना है।
अधोसंरचना का विस्तार
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1000 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण के लिए लगभग ₹57 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ये भवन प्रशासनिक कार्यों, जनसुनवाई और सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण भाग में पंचायत उत्सव भवन/बारात घर के निर्माण के लिए ₹100 करोड़ की व्यवस्था की गई है, जिससे सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को सुविधाजनक स्थान मिल सके।
पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित कुमार सिंह ने कहा कि यह बजट पंचायत प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुदृढ़ करने में सहायक होगा।
कुल मिलाकर, यह बजट ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता, डिजिटल पहुंच, खेल सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के विस्तार पर केंद्रित है, जिससे पंचायतों को विकास की प्रक्रिया में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा।
