मेरठ (उप्र), 6 नवंबर : मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड को आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन इस मामले की गूंज अब भी ब्रह्मपुरी इलाके के इंदिरानगर में महसूस की जा रही है। बुधवार को घटना की मुख्य आरोपी मुस्कान रस्तोगी के घर के बाहर ‘मकान बिकाऊ है’ का पोस्टर दिखाई दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि परिवार अब मेरठ छोड़ने की तैयारी कर रहा है।
मुस्कान के पिता प्रमोद रस्तोगी ने बताया, “हम इस शहर में अब नहीं रहना चाहते। यहां सिर्फ बुरी यादें बची हैं। हम मेरठ छोड़कर कहीं और नई जिंदगी शुरू करेंगे।” उन्होंने कहा कि 3 मार्च 2025 की घटना के बाद से परिवार की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पूरी तरह टूट चुकी है।
प्रमोद रस्तोगी ने बताया कि उनकी सर्राफा की दुकान पर ग्राहकों का आना बंद हो गया है और लेन-देन करने वालों ने उधार देना रोक दिया है। घर पर ट्यूशन पढ़ाने वाली मुस्कान की छोटी बहन की आय भी रुक गई है क्योंकि अब अभिभावक बच्चों को वहां भेजने से कतराते हैं।
हत्या का मामला: पुलिस के अनुसार, 3 मार्च को मुस्कान रस्तोगी ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। प्राथमिकी में दर्ज विवरण के मुताबिक, दोनों ने सौरभ के शव के चार टुकड़े कर उन्हें एक ड्रम में डालकर सीमेंट से भर दिया था। वारदात के बाद दोनों हिमाचल प्रदेश भाग गए, लेकिन कुछ दिनों बाद मुस्कान ने अपने परिजनों को पूरी बात बताई। परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने मुस्कान और साहिल को 19 मार्च को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। दोनों को न्यायिक हिरासत में मेरठ जिला जेल भेज दिया गया।
सूत्रों के मुताबिक, मुस्कान गर्भवती है। सौरभ के परिवार ने बच्चे का डीएनए परीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बच्चा सौरभ का हुआ तो वे उसे स्वीकार करेंगे, अन्यथा नहीं।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि साहिल शुक्ला इस समय जेल में कृषि कार्य कर रहा है और उससे मिलने केवल उसकी नानी और भाई आते हैं। दूसरी ओर, मुस्कान के परिवार ने उससे सभी संबंध तोड़ लिए हैं और अब मेरठ छोड़ने की तैयारी में जुट गया है।
इस सनसनीखेज हत्याकांड ने शहर को झकझोर दिया था, और अब आठ महीने बाद भी इसके साये से मुस्कान का परिवार बाहर नहीं निकल सका है।
