सोना-चांदी नए रिकॉर्ड स्तर पर, वैश्विक अनिश्चितताओं से सर्राफा बाजार में तेज उछाल

नयी दिल्ली, 12 जनवरी । वैश्विक बाजारों में जोरदार तेजी के अनुरूप सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोना और चांदी दोनों नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 15,000 रुपये की भारी छलांग के साथ 2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जबकि सोना 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के सर्वकालिक रिकॉर्ड पर रहा।

चांदी की कीमत में करीब छह प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले कारोबारी सत्र में यह 2,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। वहीं, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 2,900 रुपये यानी 2.05 प्रतिशत चढ़कर 1,44,600 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गया। शुक्रवार को सोना 1,41,700 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सर्राफा धातुओं में तेज तेजी देखी गई। हाजिर सोना पहली बार 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया। यह 90.72 डॉलर यानी करीब दो प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 4,601.69 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह, हाजिर चांदी 4.3 डॉलर यानी लगभग छह प्रतिशत उछलकर 84.61 डॉलर प्रति औंस के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।

लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा कि सोने ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच मजबूत प्रतिक्रिया दी है और 4,600 डॉलर प्रति औंस का स्तर छू लिया है, जबकि चांदी में इससे भी अधिक तेज उछाल देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि जोखिम के प्रति संवेदनशील माहौल में निवेशकों की सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर बढ़ती मांग इसका संकेत है।

आॅगमोंट में शोध प्रमुख रेनिशा चैनानी ने कहा कि बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे कटौती की बढ़ती उम्मीदों के चलते चांदी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। ईरान में बढ़ती अशांति और रूस-यूक्रेन संघर्ष के जारी रहने से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता और बढ़ी है।

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया है, जिसमें उन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार करने की बात कही और कहा कि तेहरान ने ‘रेड लाइन’ पार कर ली है।

बाजार में अनिश्चितता को और बढ़ाते हुए अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय द्वारा फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल के खिलाफ आपराधिक जांच शुरू किए जाने की खबर सामने आई है। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप और फेड प्रमुख के बीच बढ़ते टकराव से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता को लेकर चिंताएं गहराईं।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि जांच से डॉलर पर दबाव पड़ा है, जिससे सोना और चांदी जैसी सुरक्षित परिसंपत्तियों को और समर्थन मिला है। उन्होंने कहा कि जब तक वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बनी रहेंगी, तब तक सर्राफा कीमतों में मजबूती का रुख जारी रह सकता है।

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