शिक्षक समायोजन के खिलाफ आंदोलन तेज, पूरी रात चला क्रमिक अनशन


कई दौर की वार्ता बेनतीजा, आंदोलन और व्यापक करने की चेतावनी

शाहजहांपुर। जनपद में हुए शिक्षक समायोजन में कथित अनियमितताओं के विरोध में संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति का आंदोलन बुधवार को और तेज हो गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) कार्यालय पर सांकेतिक धरना देने के अगले दिन शिक्षकों ने रामलीला मैदान, खिरनीबाग में प्रातः से क्रमिक अनशन शुरू किया, जो पूरी रात तक जारी रहा।

अनशन में भावलखेड़ा, सिंधौली, कांट, जैतीपुर सहित विभिन्न विकास खंडों से पहुंचे सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भाग लिया। आंदोलनकारी शिक्षकों ने समायोजन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। शिक्षक पूरी रात अनशन स्थल पर डटे रहे।

इस दौरान बीएसए दिव्या गुप्ता के निर्देश पर खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय सुरेंद्र मौर्या तथा खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र सिंह अनशन स्थल पर पहुंचे और शिक्षकों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की, लेकिन शिक्षक समायोजन को पूरी तरह निरस्त किए जाने की मांग पर अड़े रहे। इसके बाद बीएसए ने शिक्षक प्रतिनिधिमंडल को बीएसए सभागार में वार्ता के लिए आमंत्रित किया।

वार्ता के दौरान शिक्षकों ने आरोप लगाया कि जनपद में किया गया समायोजन माननीय न्यायालय के आदेशों, शासनादेशों और विभागीय निर्देशों की अनदेखी कर किया गया है। शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने समायोजन आदेश को पूर्ण रूप से निरस्त करने की मांग करते हुए कहा कि शासनादेशों के अनुरूप खंड शिक्षा अधिकारियों और शिक्षक संघ प्रतिनिधियों की उपस्थिति में न्याय पंचायत स्तर से पारदर्शी ढंग से प्रक्रिया दोबारा शुरू की जाए। साथ ही वरिष्ठता सूची और विद्यालयों की सूची सार्वजनिक करने की भी मांग रखी गई।

कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। इसके बाद शिक्षक पुनः अनशन पर बैठ गए। रात्रि में अनशन पर बैठे शिक्षकों में विनीत कुमार गंगवार, अंकुर त्रिपाठी, श्रेयस चंद्र सक्सेना, हिमांशु दीक्षित, उपेंद्र गुप्ता, सुनील सिंह, प्रदीप जायसवाल, कर्मवीर, धन सिंह, अनिरुद्ध शरण वर्मा और सरताज अली सहित अन्य शिक्षक शामिल रहे।

धरना-प्रदर्शन में प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष मुनीश मिश्र, जिला मंत्री देवेश बाजपेई, शैक्षिक महासंघ के जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनीस अहमद, कौमी उर्दू शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष नफीस खान, उर्दू शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष परवेज आलम समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहीं।

संयुक्त शिक्षक संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि समायोजन निरस्त कर न्यायसंगत और पारदर्शी प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।

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