नई दिल्ली। वेनेजुएला की राजधानी काराकास में 3 जनवरी की देर रात हुए अमेरिकी सैन्य अभियान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज कर दी है। अमेरिकी विशेष बल डेल्टा फोर्स ने हवाई हमलों के बाद सैन्य परिसर में स्थित अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के आवास पर कार्रवाई करते हुए मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में ले लिया। दोनों को बाद में अमेरिका ले जाया गया, जहां उन पर मादक पदार्थों की तस्करी, नार्को-आतंकवाद समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस घटनाक्रम के बाद वेनेजुएला में राजनीतिक और सुरक्षा संकट और गहरा गया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर भारत ने चिंता जताई है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को लक्समबर्ग की आधिकारिक यात्रा के दौरान वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर भारत का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि भारत हालिया घटनाक्रमों को लेकर चिंतित है और सभी संबंधित पक्षों से वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करता है।
विदेश मंत्री ने कहा, “हम मौजूदा घटनाक्रमों को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हमारी सबसे बड़ी चिंता यह है कि वेनेजुएला के लोग सुरक्षित रहें। सभी पक्षों को चाहिए कि वे बैठकर संवाद के माध्यम से ऐसा समाधान निकालें, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित हो सके।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत वेनेजुएला को एक ऐसे देश के रूप में देखता है, जिसके साथ उसके लंबे समय से अच्छे और मित्रतापूर्ण संबंध रहे हैं।
इससे पहले विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा था कि वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम गहरी चिंता का विषय हैं और भारत सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बयान में दोहराया गया कि भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता रखता है और सभी पक्षों से क्षेत्र में शांति एवं स्थिरता बनाए रखने के लिए संवाद के जरिए शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आह्वान करता है।
बढ़ते तनाव को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए यात्रा परामर्श भी जारी किया है। सभी भारतीय नागरिकों को वेनेजुएला की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है, जबकि वहां मौजूद भारतीयों को अत्यधिक सावधानी बरतने और अपने आवागमन को सीमित रखने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद वेनेजुएला में सत्ता संघर्ष और अस्थिरता और बढ़ सकती है। ऐसे में भारत सहित कई देश मानवीय दृष्टिकोण से हालात पर नजर बनाए हुए हैं और शांति बहाली की अपील कर रहे हैं।
