लक्कुंडी में सोने के आभूषण मिलने के बाद खजाने की तलाश तेज, गांव के पुनर्वास पर विचार

गडग (कर्नाटक), 16 जनवरी – कर्नाटक के गडग जिले के ऐतिहासिक लक्कुंडी गांव में भवन निर्माण के दौरान सदियों पुराने सोने के आभूषण मिलने के बाद राज्य सरकार ने व्यापक खुदाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने संकेत दिया है कि खुदाई के निष्कर्षों के आधार पर पूरे गांव के निवासियों को दूसरी जगह बसाने पर भी विचार किया जा सकता है।

शुक्रवार को लक्कुंडी में खुदाई कार्य शुरू होने के बीच गडग के उपायुक्त सी. एन. श्रीधर ने कहा कि पुनर्वास से जुड़ा कोई भी निर्णय खुदाई से प्राप्त परिणामों पर निर्भर करेगा। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “यदि ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो इस पर निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर लिया जाएगा।”

राज्य सरकार ने लक्कुंडी स्थित कोटे वीरभद्रेश्वर मंदिर परिसर में पूर्ण पैमाने पर खुदाई का फैसला किया है। यह परियोजना पर्यटन विभाग, पुरातत्व, संग्रहालय एवं विरासत विभाग, लक्कुंडी धरोहर विकास प्राधिकरण और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित की जा रही है। खुदाई के लिए जेसीबी, ट्रक और ट्रैक्टर तैनात किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 10 वर्ग मीटर क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर खुदाई क्षेत्र घोषित किया गया है।

इस कार्य से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि खुदाई में 15 महिलाओं और पांच पुरुषों को लगाया गया है।
लक्कुंडी का इतिहास चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसल, कलचुरी और विजयनगर शासकों से जुड़ा रहा है। इसका संबंध प्रसिद्ध दानवीर दानचिंतामणि अत्तिमब्बे से भी माना जाता है। पुरातत्व विभाग के सूत्रों के अनुसार, प्राचीन काल में यह क्षेत्र सोने के सिक्के ढालने का एक प्रमुख केंद्र था।

खजाने की तलाश उस समय शुरू हुई जब एक स्थानीय लड़के को तांबे का एक छोटा बर्तन मिला, जिसमें लगभग 470 ग्राम वजनी सोने के आभूषण थे। बताया गया है कि ये आभूषण 300 से 400 वर्ष पुराने हैं। लड़के ने ईमानदारी दिखाते हुए आभूषण जिला प्रशासन को सौंप दिए, जिसके लिए उसे सम्मानित किया गया।

अधिकारियों का कहना है कि यह क्षेत्र सोने, चांदी, हीरे, मोती, माणिक्य और मूंगे सहित बहुमूल्य खनिजों से समृद्ध माना जाता है। खुदाई से जुड़े सूत्रों के अनुसार, “लक्कुंडी ऐतिहासिक रूप से एक समृद्ध केंद्र रहा है और उपलब्ध साक्ष्य संकेत देते हैं कि यहां अब भी भूमिगत अपार भौतिक संपदा हो सकती है।”

नवंबर 2024 में भी लक्कुंडी में की गई एक खोज के दौरान हजारों प्राचीन कलाकृतियां मिली थीं। हालिया आभूषणों की खोज के बाद इस स्थल के प्रति पुरातत्वविदों और शोधकर्ताओं की रुचि और बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नई खुदाई से कर्नाटक के मध्यकालीन इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण अभिलेख, स्मारक, मूर्तियां और आभूषण सामने आ सकते हैं, जिससे लक्कुंडी की समृद्ध विरासत को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी।

Related Post

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *