नयी दिल्ली, 28 जनवरी । संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बाद कांग्रेस ने केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार पर तीखा हमला किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति का संबोधन नीरस था और इसमें खोखले वादों के अलावा कुछ भी नया नहीं था।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हर साल केंद्रीय मंत्रिमंडल राष्ट्रपति के अभिभाषण को मंजूरी देता है और ‘विकसित भारत’ का नारा दोहराया जाता है, लेकिन इसमें न तो कोई स्पष्ट लक्ष्य होता है और न ही समयसीमा। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाली मोदी सरकार ने मनरेगा को खत्म कर करोड़ों लोगों की आजीविका छीन ली है।
खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि मनरेगा एक ऐसा कानून था जो काम के अधिकार की गारंटी देता था, लेकिन गरीब-विरोधी और पूंजीपति-समर्थक नीतियों के चलते सरकार ने इसे समाप्त कर दिया। उन्होंने सवाल किया कि यह कैसा ‘विकसित भारत’ है, जहां गरीबों को जीवित रहने के साधनों से वंचित किया जा रहा है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संबोधन में कुछ भी नया नहीं था और वही बातें दोहराई गईं, जो पहले भी कही जा चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि यह सरकार द्वारा तैयार किया गया पूरी तरह से खोखला भाषण था, जिसमें बार-बार खोखले वादे दोहराए गए।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम का उल्लेख किए जाने पर विपक्ष के हंगामे को लेकर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस पहले से ही इस कानून को वापस लेने के लिए आंदोलन कर रही है और इसलिए इसका विरोध किया गया।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी अभिभाषण की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रपति इस अवसर पर सरकार की प्रवक्ता की भूमिका में होती हैं और भाषण सरकार द्वारा लिखा तथा मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में यह संबोधन नीरस था और इसमें किसी तरह का दृष्टिकोण प्रस्तुत नहीं किया गया, बल्कि केवल सरकार की कथित उपलब्धियों की सूची पढ़ी गई।
उधर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पूरी दुनिया ने भारतीय सेना का शौर्य और पराक्रम देखा, जब देश ने अपने संसाधनों के बल पर आतंकियों के अड्डों को ध्वस्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया है कि भारत पर किसी भी आतंकी हमले का जवाब दृढ़ और निर्णायक होगा।
