राजनीतिक दलों से मिले पैसे शौचालय निर्माण में लगाइए: ओवैसी

राजनीतिक दलों से मिले पैसे शौचालय निर्माण में लगाइए: ओवैसी

लातूर, छह जनवरी । ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंगलवार को चुनावों के दौरान राजनीतिक दलों द्वारा मतदाताओं को नकद राशि बांटे जाने पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि मतदाताओं को यह पैसा अनैतिक लगता है, तो वे इसे स्वीकार कर शौचालय निर्माण जैसे जनहित के कार्यों में खर्च कर सकते हैं।

आगामी लातूर नगर निगम चुनाव के सिलसिले में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम के चुनाव मैदान में उतरते ही प्रतिद्वंद्वी दलों ने मतदाताओं के बीच पैसा बांटना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, “अगर हमने उम्मीदवार नहीं उतारे होते, तो यह पैसा नहीं बांटा जाता। पैसा ले लीजिए और अगर आपको लगता है कि यह अनैतिक और ‘हराम’ है, तो इसका इस्तेमाल शौचालय बनाने में कीजिए।”

ओवैसी ने इस अवसर पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर उसकी विदेश नीति को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और भाजपा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर चुप्पी साधे हुए हैं, जबकि ट्रंप सार्वजनिक रूप से यह दावा कर चुके हैं कि मोदी उन्हें खुश करने के लिए फैसले लेते हैं।

एआईएमआईएम प्रमुख ने मुसलमानों से मजबूत राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने का आह्वान करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अल्पसंख्यकों को छोड़कर लगभग हर समुदाय के पास राजनीतिक शक्ति है। उन्होंने कहा कि दलित और मुसलमान देश की गरीब आबादी का बड़ा हिस्सा हैं, लेकिन अब तक विकास उनके इलाकों तक नहीं पहुंच पाया है।

भाजपा पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा, “भाजपा राष्ट्रवाद की बात करती है, लेकिन हकीकत यह है कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं, युवा बेरोजगार हैं और सरकार केवल लव जिहाद जैसे मुद्दों पर चर्चा करती है।”

उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ‘माझी लाडकी बहिन’ योजना को लेकर भी सवाल उठाए और दावा किया कि इस योजना के लाभार्थियों की संख्या लगातार घट रही है। ओवैसी ने कहा कि राज्य सरकार ने 9.30 लाख करोड़ रुपये का कर्ज लिया है और सवाल किया कि इस कर्ज को आखिर चुकाएगा कौन।

ओवैसी ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार पर भी कटाक्ष करते हुए कहा कि जो व्यक्ति अपने चाचा और राजनीतिक गुरु शरद पवार के प्रति वफादार नहीं रहा, वह जनता के प्रति कैसे वफादार रह सकता है।

वक्फ (संशोधन) अधिनियम की आलोचना करते हुए ओवैसी ने आरोप लगाया कि इस कानून का दुरुपयोग मस्जिदों को बंद करने और सदियों पुरानी दरगाहों के स्वामित्व को चुनौती देने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने 2006 के मुंबई ट्रेन बम धमाकों के एक दोषी की जेल में हुई मौत के हालात पर भी सवाल उठाए और कहा कि 19 साल जेल में बिताने के बाद उसकी मौत को लेकर आज तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।

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