पटना, 15 नवंबर। बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को मिली भारी पराजय के एक दिन बाद राजनीतिक हलकों में बड़ा बयान सामने आया है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने शनिवार को राजनीति छोड़ने और अपने परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा कर दी।
एमबीबीएस की पढ़ाई कर चुकीं और लंबे समय से सिंगापुर में अपने पति के साथ रह रहीं रोहिणी आचार्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं राजनीति छोड़ रही हूं और अपने परिवार से नाता तोड़ रही हूं… संजय यादव और रमीज ने मुझसे यही करने को कहा था… और मैं पूरा दोष अपने ऊपर ले रही हूं।” इस पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि संजय यादव और रमीज ने उनसे किस प्रसंग में ऐसा कहा था। दोनों की ओर से इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
संजय यादव राजद के राज्यसभा सदस्य और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के सबसे विश्वसनीय सहयोगियों में गिने जाते हैं, जबकि रमीज उत्तर प्रदेश के एक राजनीतिक परिवार से जुड़े तेजस्वी के पुराने मित्र बताए जाते हैं।
रोहिणी इससे पहले अपने पिता लालू प्रसाद को किडनी दान करने के कारण सुर्खियों में आई थीं। पिछले वर्ष उन्होंने सारण लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। यह भी कयास लगाए जाते रहे कि वह तेज प्रताप यादव के पार्टी से निष्कासन को लेकर नाखुश थीं, हालांकि विधानसभा चुनाव में उन्होंने तेजस्वी यादव के पक्ष में प्रचार किया था।
बिहार चुनाव परिणामों में इस बार राजद की सीटें 75 से घटकर मात्र 24 रह गईं, जो पार्टी के लिए बड़ा झटका है। शुक्रवार को घोषित नतीजों में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने महागठबंधन को करारी शिकस्त देते हुए 243 सदस्यीय विधानसभा में “200 पार” कर लिया। भाजपा और जदयू दोनों ने अपनी-अपनी 101 सीटों पर लगभग 85 प्रतिशत सफलता दर हासिल की, जिससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक पकड़ और मजबूत हुई।
राजद की इस हार और रोहिणी के चौंकाने वाले फैसले ने बिहार की राजनीति में नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
