मुंबई, छह जनवरी । बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए नामांकन पत्र खारिज किए जाने को लेकर मंगलवार को आठ उम्मीदवारों ने बंबई उच्च न्यायालय का रुख किया। याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि निर्वाचन अधिकारी ने भाजपा विधायक और महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के इशारे पर उनके नामांकन फॉर्म स्वीकार नहीं किए।
बीएमसी चुनाव 15 जनवरी को होने हैं। याचिका में राज्य निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई है कि याचिकाकर्ताओं के नामांकन पत्र स्वीकार किए जाएं।
याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने वार्ड संख्या 224 से 227 के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों और सुरक्षा जमा राशि के साथ नामांकन दाखिल किया था, लेकिन इसके बावजूद निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें स्वीकार नहीं किया। आरोप के अनुसार, नार्वेकर ने निर्वाचन अधिकारी पर नामांकन अस्वीकार करने का दबाव डाला। ये सभी वार्ड दक्षिण मुंबई में नार्वेकर के कोलाबा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं।
याचिका में कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष के रूप में नार्वेकर ने अपनी राजनीतिक शक्ति और पद का दुरुपयोग करते हुए निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप किया। इसमें यह भी आरोप लगाया गया कि पुलिस बल की मदद से उम्मीदवारों को निर्वाचन अधिकारी के परिसर से बाहर निकाल दिया गया।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से भी शिकायत की, लेकिन उस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
मामले का उल्लेख मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड़ की पीठ के समक्ष तत्काल सुनवाई के लिए किया गया, हालांकि उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिका पर उचित समय पर सुनवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि राहुल नार्वेकर के भाई मकरंद नार्वेकर, बहन गौरी शिवलकर और भाभी हर्षिता शिवलकर क्रमशः वार्ड 225, 226 और 227 से चुनाव मैदान में हैं। विपक्षी दलों ने नार्वेकर पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन, नामांकन प्रक्रिया में हस्तक्षेप और इससे जुड़े सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के आरोप लगाए हैं। विधानसभा अध्यक्ष ने इन सभी आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए खारिज किया है।
