कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर राज्य में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को तत्काल रोकने का आग्रह किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा स्वरूप में यह प्रक्रिया जारी रही तो बड़े पैमाने पर मतदाताओं के मताधिकार का हनन होगा और भारतीय लोकतंत्र की नींव को “अपूरणीय क्षति” पहुंचेगी।
तीन जनवरी को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने एसआईआर में कथित अनियमितताओं, प्रक्रियागत उल्लंघनों और प्रशासनिक खामियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रक्रिया अनियोजित, अपर्याप्त तैयारी के साथ और आनन-फानन में लागू की गई है। ममता के अनुसार, अत्यधिक जल्दबाजी और तैयारी की कमी के कारण दोषपूर्ण आईटी प्रणाली, असंगत निर्देश और तैनात अधिकारियों का अपर्याप्त प्रशिक्षण जैसी गंभीर समस्याएं सामने आई हैं।
मुख्यमंत्री ने लिखा कि यदि एसआईआर को वर्तमान स्वरूप में जारी रहने दिया गया, तो इससे लोकतंत्र की नींव पर हमला होगा। उन्होंने निर्वाचन आयोग से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की और कहा कि ऐसा न होने पर इस मनमानी और अनियोजित प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए।
ममता बनर्जी ने यह मुद्दा भी उठाया कि सुनवाई प्रक्रिया के दौरान बूथ-स्तरीय एजेंटों (बीएलए) को कथित तौर पर नियुक्त नहीं किया गया, जिससे एसआईआर की निष्पक्षता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग को उसकी देखरेख या निर्देश में की गई किसी भी अवैध, मनमानी या पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के लिए पूरी तरह जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।
