मथुरा (उप्र), 18 जनवरी । बसंत पंचमी के साथ ही इस सप्ताह ब्रज क्षेत्र में होली उत्सव का रंगारंग आगाज होने जा रहा है। सदियों पुरानी परंपराओं से जुड़े इस अनूठे उत्सव की तैयारियां मथुरा, बरसाना, नंदगांव और आसपास के क्षेत्रों में जोरों पर हैं। परंपरा के अनुसार ब्रज में होली का उत्सव पूरे 40 दिनों तक मनाया जाता है।
इस वर्ष 23 जनवरी को बसंत पंचमी के दिन मंदिरों, गांवों, कस्बों और मोहल्लों में निर्धारित स्थानों पर होली के ‘डांडे’ स्थापित किए जाएंगे, जिसके साथ ही उत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी। इसी दिन बरसाना के श्री लाडलीजी मंदिर में भी होली का डांडा स्थापित किया जाएगा।
बसंत पंचमी से मंदिरों में प्रतिदिन सुबह और शाम राधारानी की आरती के साथ होली के पदों का गायन शुरू होगा, जिसे ब्रज भाषा में ‘समाज गायन’ कहा जाता है। यह परंपरा फाल्गुन पूर्णिमा तक लगातार चलती रहेगी। चार मार्च को पूर्णिमा के साथ इस 40 दिवसीय उत्सव का समापन होगा।
महाशिवरात्रि के अवसर पर ब्रज क्षेत्र में पारंपरिक ‘चौपाई’ या शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसमें श्रद्धालु ‘रसिया’ और होली से जुड़े लोकगीत गाते हुए भाग लेंगे।
ब्रज में इस परंपरा की पुनः शुरुआत कराने वाले रसिक संत नारायण भट्ट के वंशज एवं ब्रजाचार्य पीठ के प्रवक्ता पुरुषोत्तम भट्ट के अनुसार, यह परंपरा विक्रम संवत् 1569 में प्रारंभ हुई थी और करीब 513 वर्षों से उसी उल्लास और मर्यादा के साथ निभाई जा रही है।
बरसाना के श्री लाडलीजी मंदिर के सेवायत रासबिहारी गोस्वामी ने बताया कि इस वर्ष फाल्गुन शुक्ल अष्टमी को मंदिर में लड्डूमार होली मनाई जाएगी, जबकि 25 फरवरी को नवमी के दिन बरसाना की गलियों में विश्वप्रसिद्ध लट्ठमार होली का आयोजन होगा। इस दौरान नंदगांव के हुरियारे बरसाना आकर हुरियारिनों के साथ पारंपरिक रूप से होली खेलते हैं।
अगले दिन यही लट्ठमार होली नंद भवन के प्रांगण से लेकर नंदगांव की गलियों तक खेली जाएगी। 27 फरवरी को एकादशी के अवसर पर मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर में भी लट्ठमार होली का आयोजन किया जाएगा।
श्री लट्ठमार मेला आयोजन समिति की ओर से एक विशेष कार्यक्रम भी प्रस्तावित है, जिसमें होली की विभिन्न परंपराओं और ब्रज क्षेत्र के लोकनृत्यों पर आधारित झांकियां प्रदर्शित की जाएंगी।
मथुरा जिला प्रशासन ने बरसाना और नंदगांव के मंदिर प्रबंधन के साथ मिलकर सभी आयोजनों की तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिलाधिकारी चंद्रप्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
