गोरखपुर (उप्र), 15 जनवरी – मकर संक्रांति-खिचड़ी पर्व के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को ब्रह्म मुहूर्त में प्रातः चार बजे गोरखनाथ मंदिर में नाथपंथ की परंपरा के अनुसार महायोगी गुरु गोरखनाथ को विधि-विधान से पवित्र खिचड़ी अर्पित की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोकमंगल तथा प्रदेशवासियों के सुखमय, समृद्धमय जीवन की कामना की। पूजा-अर्चना के उपरांत उन्होंने सभी नागरिकों, संतों और श्रद्धालुओं को मकर संक्रांति की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मीडियाकर्मियों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार से ही प्रदेश भर में लाखों श्रद्धालु विभिन्न पवित्र धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर अपनी आस्था प्रकट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोरखपुर में लाखों श्रद्धालुओं ने भगवान गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी अर्पित की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रयागराज में भी संगम तट पर लाखों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया और यह क्रम लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में भी आज लाखों श्रद्धालु पंक्तिबद्ध होकर श्रद्धा के साथ गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मकर संक्रांति भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। सूर्यदेव को जगत की आत्मा बताते हुए उन्होंने कहा कि यह पर्व सभी शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए प्रशस्त माना जाता है और इसके साथ ही सनातन परंपरा में मांगलिक आयोजनों का शुभारंभ होता है।
उन्होंने कहा कि मकर संक्रांति देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग नामों से मनाई जाती है—पूर्व में बिहू या तिलवा संक्रांति, पश्चिम में लोहड़ी, दक्षिण भारत में पोंगल और उत्तर भारत में खिचड़ी संक्रांति के रूप में यह पर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति के अवसर पर प्रदेश के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन करते हुए सभी के लिए मंगलमय भविष्य की कामना की।
