भारत–अमेरिका संबंधों में आगे अपार अवसर: नामित अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर

नयी दिल्ली, 10 जनवरी । भारत और अमेरिका के बीच रिश्तों में मौजूदा तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी माने जाने वाले नामित अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर नयी दिल्ली पहुंच गए हैं। भारत आगमन के बाद गोर ने कहा कि दोनों देशों के लिए भविष्य में अपार अवसर मौजूद हैं।

38 वर्षीय सर्जियो गोर ने नवंबर के मध्य में भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में शपथ ली थी। शुक्रवार रात नयी दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “भारत में आकर बहुत अच्छा लग रहा है। हमारे दोनों देशों के लिए आगे अपार अवसर हैं।”

गोर का भारत आगमन ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक के एक बयान के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में नया विवाद खड़ा हो गया है। लटनिक ने दावा किया था कि दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौता पिछले साल इसलिए नहीं हो सका, क्योंकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन नहीं किया। भारत सरकार ने शुक्रवार को इस दावे को सिरे से खारिज करते हुए इसे “गलत” बताया।

गौरतलब है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारतीय वस्तुओं पर शुल्क (टैरिफ) दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिया है, जिसके बाद द्विपक्षीय संबंधों में गंभीर तनाव देखने को मिला है। इसके अलावा, कई अन्य मुद्दों पर भी रिश्तों में खटास आई है, जिनमें पिछले साल मई में ट्रंप द्वारा भारत–पाकिस्तान संघर्ष समाप्त कराने का दावा और अमेरिका की नई आव्रजन नीति शामिल है।

सर्जियो गोर इससे पहले ‘व्हाइट हाउस’ में कार्मिक निदेशक के रूप में कार्यरत थे। अगस्त में राष्ट्रपति ट्रंप ने उन्हें भारत में अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित किया था, जबकि अमेरिकी सीनेट ने अक्टूबर में उनके नाम को मंजूरी दी। शपथ ग्रहण के बाद ट्रंप ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि गोर भारत के साथ अमेरिका की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे।

गोर ने अपनी नियुक्ति को अपने जीवन का “सबसे बड़ा सम्मान” बताया था और कहा था कि वह भारत-अमेरिका संबंधों को और सुदृढ़ करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले ट्रंप के प्रचार अभियान की राजनीतिक कार्रवाई समिति (पीएसी) में भी अहम भूमिका निभाई थी।

उल्लेखनीय है कि जनवरी 2025 में भारत में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद ट्रंप प्रशासन के लिए नया राजदूत नियुक्त करने का रास्ता साफ हुआ। सीनेट से मंजूरी मिलने के कुछ दिनों बाद गोर ने अक्टूबर में छह दिन का भारत दौरा किया था, इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात भी की थी।

अब उनके स्थायी रूप से भारत पहुंचने के साथ ही दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद और संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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