कानपुर, 3 नवंबर । मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को दुनिया का सबसे बड़ा अभियान बताते हुए कहा है कि यह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
रविवार को आईआईटी कानपुर के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कुमार ने कहा कि बिहार में चल रहा मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान दुनिया का सबसे बड़ा अभियान है, और जब यह प्रक्रिया 12 राज्यों के 51 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचेगी, तो यह न केवल निर्वाचन आयोग बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी।
उन्होंने कहा, “जब यह प्रक्रिया पूरी होगी, तब लोगों को न केवल निर्वाचन आयोग पर बल्कि भारतीय लोकतंत्र की ताकत पर भी गर्व होगा। यह अभियान लोकतांत्रिक व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को और मजबूत करेगा।”
इस अवसर पर आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र रहे ज्ञानेश कुमार को ‘डिस्टिंग्विश्ड एलुमिनस अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा, “आईआईटी कानपुर में बिताए चार वर्ष मेरे जीवन के सबसे जीवंत और अविस्मरणीय साल रहे हैं।”
उन्होंने हंसी-खुशी के लहजे में कहा, “आज देश के नोट और वोट दोनों ही आईआईटियंस के हाथों में हैं—भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त, दोनों ही आईआईटी के पूर्व छात्र हैं।”
कुमार ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव पारदर्शिता, दक्षता और सरलता के नए मानक स्थापित करेंगे। उन्होंने अपने जीवन के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि वाराणसी के घाटों पर गंगा में तैरना सीखने वाला एक साधारण लड़का कभी नहीं सोच सकता था कि एक दिन वह भारत का मुख्य निर्वाचन आयुक्त बनेगा।
उन्होंने कहा कि आईआईटी कानपुर से सीखे गए मूल्य और सिद्धांतों ने उनके पूरे प्रशासनिक जीवन में उनका मार्गदर्शन किया है।
