पटना, 12 अक्टूबर । प्रशांत किशोर की अगुवाई वाली जन सुराज पार्टी ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि यदि पार्टी को बिहार में सत्ता संभालने का मौका मिला, तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 2016 में लागू की गई शराबबंदी को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय सिंह ने रविवार को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान यह बयान दिया।
यह घोषणा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेता कुमार सौरव के जन सुराज पार्टी में शामिल होने के मौके पर की गई। उदय सिंह ने कहा कि शराबबंदी हटने से राज्य सरकार को करीब 28 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। इस अतिरिक्त राजस्व का उपयोग विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से पांच से छह लाख करोड़ रुपये तक का ऋण प्राप्त करने में किया जाएगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति को मज़बूती मिलेगी।
उदय सिंह ने कहा, “हम पहले से ही यह कह रहे हैं कि अगर बिहार में जन सुराज पार्टी की सरकार बनती है, तो शराबबंदी को तत्काल समाप्त कर दिया जाएगा। इससे न केवल राज्य को बड़ा आर्थिक लाभ होगा, बल्कि व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और तस्करी जैसी समस्याओं पर भी अंकुश लगेगा।”
कार्यक्रम में शामिल हुए कुमार सौरव ने जन सुराज पार्टी की आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों पर भरोसा जताया और कहा कि वे राज्य के विकास के लिए प्रशांत किशोर के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, “मैंने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) इसलिए नहीं छोड़ी कि मेरा चिराग पासवान से कोई मतभेद था, बल्कि इसलिए छोड़ी ताकि मैं बिहार के लोगों के भविष्य के लिए ज्यादा प्रभावी भूमिका निभा सकूं।”
सौरव के बारे में जानकारी देते हुए उदय सिंह ने बताया कि वह वित्त और विधि मामलों के विशेषज्ञ हैं और एक निजी बैंक में प्रतिभूतिकरण के प्रमुख रह चुके हैं। उनकी विशेषज्ञता का उपयोग राज्य की वित्तीय नीतियों को बेहतर बनाने में किया जाएगा।
गौरतलब है कि अप्रैल 2016 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी, जिसका प्रभावी क्रियान्वयन वर्षों से बहस का विषय बना रहा है। प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी इस कानून को जनविरोधी और व्यावहारिक रूप से विफल मानती है, और इसे समाप्त करना अपनी प्राथमिकता बता रही है।
