नयी दिल्ली, 24 जनवरी — दिल्ली पुलिस ने कंबोडिया के ऑपरेटरों से कथित रूप से जुड़े फर्जी ऑनलाइन कारोबार गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने देशभर के पीड़ितों से 300 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की। इस मामले में कोलकाता और लखनऊ से चार मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह फर्जी कारोबार से जुड़े एप्लिकेशन और ऑनलाइन मैसेजिंग ग्रुप के माध्यम से लोगों को वैध ब्रोकरेज कंपनियों के रूप में भारी मुनाफे का लालच देता था। जालसाजों ने सोशल मीडिया पर विज्ञापन और संदेशों के जरिए लोगों से संपर्क किया और उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग निवेश और गारंटी मुनाफा का झांसा दिया।
गिरोह की कार्यप्रणाली
- पीड़ितों को भ्रामक नामों वाले ग्रुप में जोड़ा गया, जैसे वेंचुरा सिक्योरिटीज, गो मार्केट ग्लोबल, IPO स्टॉक ट्रेडिंग, जहाँ आरोपियों ने खुद को अधिकृत ब्रोकर के रूप में पेश किया।
- पीड़ितों को फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए राजी किया गया, जिनमें मनगढ़ंत मुनाफे दिखाने वाले फर्जी ट्रेडिंग डैशबोर्ड शामिल थे।
- प्रारंभ में आरोपियों ने छोटे मुनाफे पीड़ितों के खातों में जमा कर उनका विश्वास जीत लिया। इसके बाद बड़ी रकम निवेश करने के लिए उन्हें राजी किया गया।
- बाद में कर, शुल्क या निकासी के बहाने अतिरिक्त भुगतान की मांग की गई, जिससे पीड़ितों ने अपना पैसा गंवा दिया।
गिरफ्तार आरोपी और जब्ती
- बिस्वजीत मंडल (32) — कोलकाता निवासी, 29 दिसंबर 2025 को बैरकपुर के बेलघरिया से गिरफ्तार। उसके पास से आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त।
- आशीष अग्रवाल (35) — कोलकाता के एक होटल से 1 जनवरी को गिरफ्तार; मोबाइल फोन और डिजिटल सबूतों से भरा लैपटॉप जब्त।
- राजीव शाह — लखनऊ से 6 जनवरी को समन्वित छापेमारी में गिरफ्तार।
- शुभम शर्मा — कोलकाता से 6 जनवरी को गिरफ्तार।
इन आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, लैपटॉप, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड बरामद किए गए। अब तक कुल 39 मोबाइल फोन, 258 सिम कार्ड, चार लैपटॉप और बैंकिंग/केवाईसी दस्तावेज जब्त किए जा चुके हैं।
पुलिस ने 19 लाख रुपये के लेन-देन पर रोक भी लगा दी है। जांच में पाया गया कि गिरोह से जुड़े 105 फर्जी कंपनियों के 260 से अधिक बैंक खाते हैं और यह नेटवर्क राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज 2,567 शिकायतों से जुड़ा हुआ है।
अधिकारीयों ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
