प्रधानमंत्री मोदी ने जर्मन चांसलर मर्ज के समक्ष अरिहा शाह का मुद्दा उठाया

अहमदाबाद, 12 जनवरी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के साथ बातचीत के दौरान भारतीय बच्ची अरिहा शाह का मुद्दा उठाया, जो पिछले चार वर्षों से अधिक समय से बर्लिन के एक संरक्षण गृह में रह रही है।

जर्मन अधिकारियों ने 23 सितंबर, 2021 को यह आरोप लगाते हुए अरिहा को अपने संरक्षण में ले लिया था कि उसके माता-पिता उसे परेशान करते थे। उस समय अरिहा की उम्र मात्र सात महीने थी। केंद्र सरकार तब से लगातार जर्मन अधिकारियों पर बच्ची को उसके माता-पिता को सौंपने के लिए दबाव बना रही है। भारत का तर्क है कि किसी भी बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए उसका अपने भाषाई, धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक परिवेश में रहना अत्यंत आवश्यक है।

अहमदाबाद में दोनों नेताओं की बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान यह संवेदनशील मुद्दा स्पष्ट रूप से उठाया।
उन्होंने कहा, “यह एक अत्यंत संवेदनशील विषय है और इस पर हम लंबे समय से जर्मन पक्ष के साथ चर्चा करते आ रहे हैं—चाहे वह बर्लिन स्थित सरकार हो या नई दिल्ली में स्थित उनका दूतावास।”

मिसरी ने कहा कि प्रारंभ में यह एक कानूनी विषय था, लेकिन अब इसे मानवीय दृष्टिकोण से देखने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, “हम परिवार के दर्द और कठिनाइयों को भली-भांति समझते हैं और हर संभव तरीके से उनकी सहायता करने का प्रयास कर रहे हैं।”

विदेश सचिव ने बताया कि फिलहाल भारत का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अरिहा का पालन-पोषण यथासंभव भारतीय वातावरण में हो।
उन्होंने कहा, “हम प्रयास कर रहे हैं कि बच्ची को भारतीय लोगों के साथ संपर्क मिले और वह जर्मनी में मनाए जा रहे भारतीय त्योहारों और सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग ले सके।”

मिसरी ने दोहराया कि भारत इस मामले को जर्मन सरकार के समक्ष हर स्तर पर उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा, “हम जर्मन सरकार के साथ इस विषय पर लगातार संवाद में रहेंगे और पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे। यह मुद्दा जर्मनी के साथ हमारे समग्र द्विपक्षीय संबंधों से अलग नहीं है और इसे अन्य महत्वपूर्ण विषयों के समान प्राथमिकता दी जा रही है।”

उन्होंने यह भी बताया कि विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहले ही अपने जर्मन समकक्षों के साथ बातचीत में अरिहा का मामला उठाया है।

उधर, अरिहा के माता-पिता लगातार सरकार से उसकी भारत वापसी सुनिश्चित कराने की अपील कर रहे हैं। वर्तमान में उन्हें महीने में केवल दो बार अपनी बेटी से मिलने की अनुमति दी जाती है।

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