पंजाब सरकार ने बजट को किसान विरोधी बताया, हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ने इसे दूरदर्शी करार दिया

चंडीगढ़, एक फरवरी – केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर पंजाब और हरियाणा में सियासी प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और राज्य में विपक्षी दलों ने बजट को किसान विरोधी बताते हुए निराशा जताई, जबकि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इसे “दूरदर्शी” और “जन-केंद्रित” करार दिया है।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि बजट में न तो किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर कोई ठोस घोषणा की गई है और न ही युवाओं या उद्योग जगत को राहत दी गई है। उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार का बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। किसानों के लिए एमएसपी और युवाओं के लिए रोजगार को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।”

मान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट में कोई प्रभावी पहल नहीं की गई और राज्य के साथ हमेशा की तरह सौतेला व्यवहार किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि पंजाब के मेहनती लोग मिलकर राज्य को फिर से मजबूती देंगे।

पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी बजट की आलोचना करते हुए कहा कि इसमें किसानों और युवाओं के लिए कोई राहत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि बजट 2026-27 यह साबित करता है कि पंजाब को पूरी तरह भुला दिया गया है, न रोजगार की कोई स्पष्ट योजना है और न ही उद्योग या शहरी विकास के लिए ठोस प्रावधान।

वहीं, भारतीय जनता पार्टी के पंजाब प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने बजट को “दूरदर्शी, जनहितैषी और विकासोन्मुख” बताया। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के लिए बढ़ा हुआ आवंटन, एमएसपी का आश्वासन, ग्रामीण अवसंरचना और कृषि स्टार्टअप को समर्थन पंजाब के किसानों के लिए लाभकारी होगा। उन्होंने रोजगार, कौशल विकास, स्टार्टअप, एमएसएमई और विनिर्माण पर जोर को युवाओं और छोटे उद्यमियों के लिए सकारात्मक बताया।

इसी बीच, पड़ोसी राज्य हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार ने बजट का जोरदार बचाव किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ और अंत्योदय की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 53.5 लाख करोड़ रुपये का कुल बजट और 12.2 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय हरियाणा जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्यों के लिए लाभकारी साबित होगा।

हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कहा कि बजट में औषधि और आयुर्वेद क्षेत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा। उन्होंने कैंसर की दवाओं और चिकित्सा उपकरणों पर कर कटौती तथा आयुर्वेद के लिए एम्स स्तर के संस्थान की घोषणा का स्वागत किया।

हालांकि, हरियाणा में विपक्ष ने बजट को राज्य विरोधी बताया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह बजट जमीनी हकीकतों से परे है और आम आदमी, किसानों तथा ग्रामीण भारत की अनदेखी करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की कर्ज माफी और पानी-बिजली की समस्याओं के समाधान के लिए कोई ठोस राहत नहीं दी गई है।

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ‘एक्स’ पर कहा कि बजट 2026 में हरियाणा का नाम मात्र का उल्लेख है। उन्होंने हिसार जिले के राखीगढ़ी का जिक्र करते हुए कहा कि इसके अलावा राज्य के लिए कोई ठोस योजना नहीं दिखाई देती।

रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने दावा किया कि हरियाणा एक बार फिर केंद्रीय बजट से “गायब” है। उन्होंने कहा कि देश में सबसे अधिक जीएसटी और टोल टैक्स राजस्व देने वाले हरियाणा को बजट में कोई विशेष लाभ नहीं मिला।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सिरसा से सांसद कुमारी सैलजा ने भी निराशा जताते हुए कहा कि हरियाणा की जनता को बजट से राहत की उम्मीद थी, लेकिन किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया।

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