नैमिष नगर और वरूण विहार में जमीन रजिस्ट्री पर रोक, बिचौलियों पर एलडीए की सख्ती

लखनऊ, 4 अक्टूबर: लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने राजधानी की दो बड़ी आवासीय योजनाओं – नैमिष नगर और वरूण विहार – के अंतर्गत आने वाले गांवों में जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह कदम योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और बिचौलियों के दखल को खत्म करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि वरूण विहार योजना लगभग 6,580 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जाएगी, जिसमें सदर और सरोजनीनगर तहसील के 12 गांवों की भूमि शामिल है। वहीं, सीतापुर-रैथा रोड पर प्रस्तावित नैमिष नगर योजना के लिए बीकेटी और सदर तहसील के 18 गांवों की करीब 3,670 एकड़ जमीन ली जानी है।

इन दोनों परियोजनाओं के लिए कुल मिलाकर 40,000 से अधिक किसानों से एलडीए को जमीन का सीधी रजिस्ट्री के जरिए अधिग्रहण करना है। इसके तहत किसानों को जमीन की पूरी कीमत सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित की जा रही है।

एलडीए के अनुसार, हाल के दिनों में यह संज्ञान में आया कि कई किसान थर्ड पार्टी या प्रॉपर्टी डीलरों के माध्यम से जमीन की रजिस्ट्री करवा रहे हैं, जिससे इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इसी को देखते हुए एलडीए ने बीकेटी, सदर और सरोजनीनगर तहसीलों के उप निबंधकों को पत्र भेजकर यह निर्देश दिया है कि नैमिष नगर और वरूण विहार में आने वाले गांवों की जमीन की रजिस्ट्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए, यदि वह रजिस्ट्री प्राधिकरण के अतिरिक्त किसी अन्य पक्ष के नाम हो रही हो।

एलडीए का यह कदम इन योजनाओं में सक्रिय बिचौलियों और प्रॉपर्टी डीलरों के गठजोड़ पर भी रोक लगाएगा, जो किसानों को गुमराह कर लाभ उठाने की कोशिश करते हैं। साथ ही, इससे भविष्य में भूमि स्वामित्व से जुड़ी किसी भी कानूनी या प्रशासनिक विवाद की संभावनाएं कम होंगी।

इस रोक से मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत विकसित की जा रही इन प्रमुख आवासीय योजनाओं के सुचारू और पारदर्शी क्रियान्वयन को बल मिलेगा।

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