बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। एनडीए गठबंधन की ओर से सीट बंटवारे के ऐलान के बाद अब जदयू (JDU) ने भी अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। पार्टी ने 57 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम का ऐलान किया है, जिससे साफ है कि जेडीयू पूरी मजबूती से मैदान में उतरने की तैयारी कर चुकी है।
इस सूची में कई पुराने चेहरों के साथ-साथ कुछ नए नाम भी शामिल हैं। पार्टी ने सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों और समुदायों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। अनुसूचित जाति (अ.जा.) के लिए आरक्षित सीटों पर भी मजबूत दावेदार उतारे गए हैं। जदयू की इस लिस्ट में वरिष्ठ नेता नरेंद्र नारायण यादव को आलमनगर से टिकट मिला है, वहीं बिहारीगंज से निरंजन कुमार मेहता और मधेपुरा से कविता साहा मैदान में हैं।
दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, वैशाली, पटना, सारण, और मगध क्षेत्र की कई अहम सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान किया गया है। पटना जिले की चर्चित मोकामा सीट से अनंत सिंह को टिकट दिया गया है, जो एक बार फिर सुर्खियों में हैं। वहीं फुलवारी से श्याम रजक और मसौढ़ी से अरुण मांझी को टिकट मिला है।
इस लिस्ट में कुछ नए चेहरे भी हैं जो पहली बार चुनावी मैदान में उतरेंगे। जैसे कि चेरिया बरियारपुर से अभिषेक कुमार और मटिहानी से राजकुमार सिंह। पार्टी ने युवाओं को भी मौका देने की रणनीति अपनाई है। वहीं, सामाजिक समीकरण साधते हुए कुशवाहा, यादव, दलित और महादलित वर्गों से भी प्रत्याशी उतारे गए हैं।
एनडीए की अन्य सहयोगी पार्टियों — भाजपा और ‘हम’ (हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा) — पहले ही अपने-अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर चुकी हैं। अब जदयू के उम्मीदवारों की सूची से गठबंधन की चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है।
दूसरी ओर, महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर अभी भी बातचीत जारी है। सूत्रों के अनुसार, आज इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है। इस बीच, आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की नाराजगी की भी खबरें आ रही हैं, जिससे महागठबंधन में असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
