गौरव गोगोई की कथित ‘भारत विरोधी’ गतिविधियों पर फैसला जनता की अदालत करेगी : हिमंत विश्व शर्मा

गुवाहाटी, 8 फरवरी । असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस की असम इकाई के अध्यक्ष और सांसद गौरव गोगोई पर गंभीर आरोप लगाते हुए उन्हें कथित भारत विरोधी नेटवर्क का “प्रमुख सूत्रधार” करार दिया है। मुख्यमंत्री ने गोगोई की गतिविधियों पर अंतिम निर्णय का अधिकार “जनता की अदालत” पर छोड़ने की बात कही है।

रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए शर्मा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई, उनकी ब्रिटिश पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच गहरे संबंध रहे हैं। मुख्यमंत्री का दावा है कि इस नेटवर्क के माध्यम से खुफिया ब्यूरो से प्राप्त सूचनाएं कथित तौर पर पड़ोसी देश पाकिस्तान तक पहुंचाई जाती थीं।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा करते हुए ‘सत्यमेव जयते’ लिखा और केंद्रीय गृह मंत्रालय को टैग किया। पोस्ट में उन्होंने कहा कि हालांकि अब एक केंद्रीय एजेंसी इस मामले की गहराई से जांच करेगी, लेकिन यह फैसला जनता की अदालत करेगी कि असम में कांग्रेस का एक नेता पाकिस्तान सरकार के साथ कथित साठगांठ कर भारत के हितों के खिलाफ गतिविधियों में शामिल था या नहीं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि असम मंत्रिमंडल ने शनिवार को राज्य पुलिस द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेजने का निर्णय लिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य एजेंसियों के पास इस कथित “साजिश” की आगे जांच करने का अधिकार क्षेत्र नहीं है।

शर्मा ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख द्वारा रची गई कथित साजिश के तहत एलिजाबेथ कोलबर्न को भारत भेजा गया, ताकि भारत के विकास से जुड़े विषयों का अध्ययन कर पर्यावरण सक्रियता की आड़ में देश को नुकसान पहुंचाने के तरीके तलाशे जा सकें। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध रोजगार अनुबंधों, गुप्त वित्तपोषण, संदिग्ध यात्राओं और संवेदनशील जानकारियों के जरिए “भारत विरोधी गतिविधियों का जाल” बुना गया।

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि असम से कांग्रेस सांसद, जो एक पूर्व मुख्यमंत्री के पुत्र हैं, इस पूरे नेटवर्क में अहम भूमिका में थे और उन्होंने संसद में संवेदनशील प्रश्न पूछने, कथित गुप्त पाकिस्तानी यात्राओं तथा युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों की आड़ में पाकिस्तान से जुड़े अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए रखा।

शर्मा ने इस मामले में असम पुलिस के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित अधिकारों के बावजूद उन्होंने इस कथित खतरनाक गठजोड़ का पर्दाफाश किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपलब्ध सामग्री और अनुत्तरित सवालों को देखते हुए मामले की गहन जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा कराई जानी आवश्यक है और इसे आगे की कार्रवाई के लिए गृह मंत्रालय को भेज दिया गया है।

दूसरी ओर, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने इन्हें “पूरी तरह बेतुका और मनगढ़ंत” बताया। गोगोई ने कहा कि मुख्यमंत्री का संवाददाता सम्मेलन “सी-ग्रेड सिनेमा से भी बदतर” था और राजनीतिक ध्यान भटकाने का प्रयास मात्र है।

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