नयी दिल्ली, आठ जनवरी – केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की तेज़ वृद्धि को लेकर गंभीर है और आने वाले बजट 2026 में इस क्षेत्र को और मजबूती देने के लिए नए कदम उठाए जाने की उम्मीद है।
ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में एशिया की सबसे बड़ी खाद्य एवं पेय व्यापार प्रदर्शनी ‘इंडसफूड 2026’ का उद्घाटन करते हुए पासवान ने कहा कि पिछले बजट में भी इस क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई थीं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 के बजट में बिहार में एक नए राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) की स्थापना का निर्णय लिया गया, जो क्षेत्रीय संतुलन और कौशल विकास की दिशा में बड़ा कदम है।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार खाद्य प्रसंस्करण को कृषि और उद्योग के बीच सेतु के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा, “भारत अधिशेष खाद्य उत्पादक देश है, अब आवश्यकता इस उत्पादन को मूल्य में बदलने की है। खाद्य प्रसंस्करण इसी दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है।”
पासवान ने बताया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना (पीएमएफएमई) और प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (पीएमकेएसवाई) जैसी योजनाएं किसानों, लघु उद्यमियों और उद्योग जगत को व्यापक लाभ पहुंचा रही हैं। मंत्रालय का प्रयास है कि अधिक से अधिक उद्यमी इस क्षेत्र में निवेश करें और रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
उन्होंने कहा कि सरकार व्यापार को सुगम बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उत्पादों पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को घटाकर पांच प्रतिशत या शून्य करना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मंत्री ने वैश्विक कंपनियों से भारत में शोध एवं विकास (आरएंडडी) केंद्र स्थापित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे न केवल तकनीक और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि भारत को वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण हब बनाने में भी मदद मिलेगी।
