साल्टोरा, 10 जनवरी । तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए सवाल किया कि क्या वह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और निर्वाचन आयोग का सहारा लेकर तृणमूल कांग्रेस को रोक सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी किसी भी केंद्रीय दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है।
बांकुड़ा जिले के साल्टोरा में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कोलकाता में एक राजनीतिक परामर्श फर्म से जुड़े परिसरों पर ईडी की हालिया छापेमारी, विपक्ष को डराने की कोशिश का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “क्या भाजपा को लगता है कि वह ईडी और निर्वाचन आयोग की मदद से हमें रोक सकती है? तृणमूल कांग्रेस कभी भी ऐसे किसी दबाव के आगे नहीं झुकेगी।”
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को निशाने पर लेते हुए कहा कि उन्हें बंगाल के इतिहास और राष्ट्र निर्माण में स्वामी विवेकानंद, राजा राममोहन रॉय, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और ईश्वरचंद्र विद्यासागर जैसे महापुरुषों के योगदान के बारे में जानना चाहिए।
अभिषेक ने 2011 के विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए दावा किया कि अगर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस सत्ता में नहीं आती, तो राज्य में आज भी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की सरकार होती। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के नाम पर बंगालियों को परेशान किया जा रहा है और इसके चलते कई लोग गंभीर मानसिक दबाव में आ गए हैं। उनका दावा था कि एसआईआर से जुड़ी कार्रवाइयों के कारण कुछ लोगों ने आत्महत्या कर ली और कई बीमार पड़ गए।
उन्होंने कहा, “इन मौतों के लिए जिम्मेदार लोगों से राजनीतिक रूप से निपटना होगा।” साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में बांग्ला भाषी लोगों को बांग्लादेशी करार दिया जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल के करीब दो लाख करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान नहीं करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा ने बांकुड़ा जिले की दो सीटें जीती थीं, लेकिन पार्टी यह बताए कि उसने इस क्षेत्र के लिए क्या काम किया।
अभिषेक ने कहा, “हमने तृणमूल सरकार के पिछले 15 वर्षों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखा है। भाजपा भी अपना रिपोर्ट कार्ड जारी करे।” उन्होंने जोर दिया कि राजनीतिक लड़ाई आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, न कि एजेंसियों के दुरुपयोग के जरिए।
उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने जंगलमहल क्षेत्र में न केवल माओवादी आतंक का खात्मा किया, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार पर जल जीवन मिशन, सड़क अवसंरचना परियोजनाओं और मनरेगा जैसी योजनाओं के तहत राज्य का धन रोकने का आरोप लगाया।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि बंगाल की जनता सब देख रही है और समय आने पर इसका जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी।
