कोच्चि, 19 अक्टूबर :केरल के कोच्चि स्थित सेंट रीटा पब्लिक स्कूल में हिजाब पहनने को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद आठवीं कक्षा की छात्रा के माता-पिता ने उसे किसी अन्य स्कूल में दाखिल कराने का फैसला लिया है। छात्रा के पिता ने कहा कि घटना के बाद उनकी बेटी मानसिक तनाव में है और अब वह उस स्कूल में वापस नहीं जाना चाहती।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब चर्च द्वारा संचालित इस स्कूल ने छात्रा को हिजाब पहनकर आने से रोका। स्कूल प्रशासन ने “ड्रेस कोड” नीति का हवाला देते हुए आपत्ति जताई, जिससे यह मुद्दा सुर्खियों में आ गया। इसके बाद स्कूल ने दो दिन के लिए छुट्टी घोषित कर दी थी।
छात्रा के पिता ने बताया, “हिजाब विवाद के बाद मेरी बेटी बहुत तनाव में थी। उसने साफ तौर पर कहा कि वह उस स्कूल में वापस नहीं जाना चाहती, इसलिए हमने उसकी इच्छा का सम्मान किया है।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने दूसरे स्कूलों से संपर्क किया है और एक स्कूल दाखिले के लिए तैयार भी हो गया है। हालांकि वे सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं ताकि बेटी के लिए सबसे बेहतर माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
पिता ने यह भी आरोप लगाया कि विवाद के बाद से स्कूल प्रबंधन या शिक्षकों ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया। “पिछले दो दिन से मेरी बेटी स्कूल नहीं गई है और स्कूल की ओर से कोई फोन या संदेश तक नहीं आया,” उन्होंने कहा।
इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि केरल उच्च न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्कूल को पुलिस सुरक्षा देने का आदेश जारी करना पड़ा।
राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने पहले स्कूल की आलोचना की थी, लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि मामला “सौहार्दपूर्ण ढंग से” सुलझा लिया गया है। उन्होंने स्कूल को सलाह दी कि वे सरकार और शिक्षा विभाग के खिलाफ बयानबाज़ी से बचें।
वहीं, स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर हेलेना एल्बी ने शुक्रवार को कहा कि यदि छात्रा स्कूल के नियमों का पालन करने को तैयार हो, तो वह स्कूल में पढ़ सकती है। उन्होंने कहा, “हम उसके भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध हैं, लेकिन स्कूल के नियमों और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान किया जाना चाहिए।”
सिस्टर हेलेना ने यह भी स्पष्ट किया कि मामला अदालत में विचाराधीन है, और वे अदालत व सरकार दोनों के आदेशों का सम्मान करती हैं। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों—केरल उच्च न्यायालय, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव, सांसद, विधायक, और विभिन्न ईसाई संगठनों—को समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
