वाराणसी, 3 जनवरी: काशी आज वॉलीबॉल के ‘महाकुंभ’ की साक्षी बनने जा रही है। 72वीं सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का उद्घाटन 4 जनवरी को सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्टेडियम में होगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जो वाराणसी के सांसद भी हैं, दोपहर 12 बजे वर्चुअली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता का उद्घाटन करेंगे। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेडियम में उपस्थित रहकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करेंगे।
यह प्रतिष्ठित चैंपियनशिप 11 जनवरी तक चलेगी, जिसमें देशभर से 58 टीमें (30 पुरुष और 28 महिला) भाग ले रही हैं। प्रतियोगिता में स्विट्जरलैंड से अंतरराष्ट्रीय वॉलीबॉल महासंघ (एफआईवीबी) के पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे, जिससे आयोजन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अहमियत बढ़ गई है।
उत्तर प्रदेश वॉलीबॉल संघ के सचिव सुनील कुमार तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में पहली बार सीनियर नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप का आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
जिला वॉलीबॉल संघ के अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह ने जानकारी दी कि प्रतियोगिता में रेलवे की टीम के साथ-साथ सेना के तीनों अंगों—थल, जल और नभ—को मिलाकर गठित टीम भी प्रतिभाग कर रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्ष 1984 के बाद पहली बार इस स्तर की राष्ट्रीय वॉलीबॉल चैंपियनशिप आयोजित की जा रही है, जिससे क्षेत्र के खेल प्रेमियों में विशेष उत्साह है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष और वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी ने बताया कि इस चैंपियनशिप में देशभर से 1,044 से अधिक खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिनमें 540 पुरुष और 504 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता से चयनित खिलाड़ी भविष्य में अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
तिवारी ने यह भी जानकारी दी कि सिगरा स्थित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित करने के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) और उत्तर प्रदेश खेल विभाग के बीच शीघ्र ही एमओयू किया जाएगा। आयोजन समिति की ओर से इस प्रतियोगिता का शुभंकर—नंदी और डॉलफिन—भी पहले ही जारी किया जा चुका है।
राष्ट्रीय स्तर के इस भव्य उद्घाटन समारोह में विभिन्न खेलों के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, पद्मश्री से सम्मानित व्यक्तित्व और अन्य गणमान्य अतिथि भी शामिल होंगे।
महापौर अशोक तिवारी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि काशी को ‘स्पोर्ट्स टूरिज्म हब’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस सफल आयोजन से भविष्य में काशी में और भी बड़े राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों का मार्ग प्रशस्त होगा।
