कमजोर प्रगति पर डीएम सख्त, फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में तीन दिन में सुधार के निर्देश

शाहजहांपुर। जनपद में जनस्वास्थ्य से जुड़े राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे आईडीए (IDA) अभियान की प्रगति अपेक्षा से कम पाए जाने पर जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित द्वितीय समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों को तीन दिवस के भीतर ठोस सुधार सुनिश्चित करना होगा।

बैठक में जनपद के 12 विकासखंडों तथा नगर क्षेत्र में चल रहे दवा वितरण और जनजागरूकता गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार कुछ विकासखंडों में उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे पाई गई, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि फील्ड स्तर पर निगरानी मजबूत की जाए और घर-घर पहुंच सुनिश्चित कर शत-प्रतिशत लक्षित आबादी को दवा उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा से सीधे जुड़ा दायित्व है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक विकासखंड में माइक्रो-प्लान के अनुसार कार्य हो, टीमों की दैनिक रिपोर्टिंग अनिवार्य बनाई जाए और जिन क्षेत्रों में प्रगति कम है, वहां विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने यह भी जोर दिया कि अभियान के दौरान दवा सेवन के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए प्रभावी जनजागरूकता रणनीति अपनाई जाए।

बैठक में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि दवा वितरण की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि क्षेत्रवार जिम्मेदारी तय कर जवाबदेही सुनिश्चित की जाए, ताकि लक्ष्य से पीछे रहने की स्थिति दोबारा न बने। उन्होंने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं फील्ड में जाकर कार्य की निगरानी करें और प्रगति की वास्तविक स्थिति से अवगत रहें।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा सभी विकासखंडों के एमओआईसी मौजूद रहे। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में समान रूप से अभियान को गति दी जाए, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और सामुदायिक संगठनों के माध्यम से व्यापक जागरूकता फैलाई जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष टीमों की तैनाती की जाए।

जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और फाइलेरिया उन्मूलन अभियान उसकी महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध जवाबदेही तय की जाएगी। अंत में उन्होंने सभी विभागों से समन्वित प्रयास कर अभियान को सफल बनाने और निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

प्रशासन का मानना है कि प्रभावी मॉनिटरिंग, सक्रिय जनसहभागिता और निरंतर जागरूकता से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है। जिले में आने वाले दिनों में विशेष फील्ड निरीक्षण और समीक्षा बैठकों का क्रम जारी रहेगा, ताकि अभियान की गति बनी रहे और फाइलेरिया मुक्त समाज के लक्ष्य की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो सके।

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