एच.डी. रेवन्ना की गिरफ्तारी कानून के तहत, सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं: सिद्धरमैया

मैसुरु | 25 जनवरी – कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को स्पष्ट किया कि जनता दल (सेक्युलर) के विधायक और पूर्व मंत्री एच.डी. रेवन्ना की गिरफ्तारी पूरी तरह कानून के तहत की गई है और इस मामले में राज्य सरकार की ओर से किसी प्रकार का कोई हस्तक्षेप नहीं किया गया है। उन्होंने जद(एस) के उन आरोपों को खारिज कर दिया, जिनमें गिरफ्तारी को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जद(एस) के इस दावे पर भी तंज कसा कि पार्टी भविष्य में सत्ता में आकर बदला लेगी। उन्होंने कहा कि जद(एस) के सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है और पार्टी केवल राजनीतिक बयानबाजी कर रही है।

गौरतलब है कि एच.डी. रेवन्ना को एक महिला के कथित अपहरण के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इसी महिला ने उनके बेटे और हासन के पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर बलात्कार का आरोप लगाया है। एच.डी. रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा के पुत्र हैं।

रेवन्ना की गिरफ्तारी को ‘‘अन्यायपूर्ण’’ बताने वाले जद(एस) के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धरमैया ने कहा, “सरकार ने न तो इस मामले में हस्तक्षेप किया है और न ही हमारे पास ऐसा करने का कोई अधिकार है। सिर्फ रेवन्ना के मामले में ही नहीं, हम किसी भी मामले में हस्तक्षेप नहीं करते।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने हमेशा कानून के अनुसार काम किया है।

रेवन्ना को फंसाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दिए जाने के आरोपों को मुख्यमंत्री ने सिरे से नकारते हुए कहा, “ये सभी आरोप झूठे हैं। कौन रिश्वत देगा?” सीआईडी सूत्रों के अनुसार, प्रज्वल रेवन्ना मामले की जांच करने वाली पुलिस टीम को हाल ही में 25 लाख रुपये का इनाम दिया गया है।

जब पत्रकारों ने जद(एस) के उस दावे का जिक्र किया कि वह भाजपा के समर्थन से सत्ता में आएगी, तो सिद्धरमैया ने इसकी व्यावहारिकता पर सवाल उठाते हुए इसे अवास्तविक बताया।

राज्यपाल द्वारा 22 जनवरी की घटनाओं पर राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजे जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल ने केवल उस दिन की घटनाओं का विवरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 163 का हवाला देते हुए कहा कि राज्यपाल को संयुक्त सत्र को संबोधित करना चाहिए था। उन्होंने कहा कि सरकार राज्यपाल को भाषण का पाठ उपलब्ध कराएगी, लेकिन भाषण देना राज्यपाल की जिम्मेदारी है।

26 जनवरी को होने वाले राज्यपाल के अभिभाषण में बदलाव की संभावना पर सिद्धरमैया ने कहा कि इसमें संशोधन की गुंजाइश है, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि कोई बदलाव किया जाएगा या नहीं।

गणतंत्र दिवस परेड में कर्नाटक की झांकी को शामिल किए जाने के मुद्दे पर भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा था। उन्होंने कहा, “अगर केंद्र ने झांकी शामिल नहीं की, तो यह उनका फैसला है। केंद्र को हर राज्य की झांकी को शामिल करना चाहिए।”

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