उप्र: मंदिर के पास प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिलने पर प्रदर्शन, दो गिरफ्तार; चार पुलिसकर्मी निलंबित

संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने बताया कि मौके के निरीक्षण और प्रारंभिक जांच के बाद बिल्हौर के थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज, चौकी प्रभारी प्रेमवीर सिंह, बीट अधिकारी आफताब आलम और हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है

कानपुर (उप्र), 13 जनवरी । कानपुर जिले के बिल्हौर क्षेत्र में एक मंदिर के पास प्रतिबंधित पशुओं के अवशेष मिलने से तनाव फैल गया। मामले में पुलिस ने दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि लापरवाही के आरोप में बिल्हौर थाने के प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

यह कार्रवाई सोमवार को जानवरों के अवशेष मिलने के विरोध में स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए प्रदर्शन के बाद की गई। पुलिस के अनुसार, सोमवार शाम ग्रामीणों ने बिल्हौर के गढ़नापुर इलाके में एक मंदिर के पास पशुओं के अवशेष, मांस, हड्डियां और खाल देखीं और इसकी सूचना पुलिस को दी। अवशेषों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया।

सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अवशेष जानबूझकर धार्मिक स्थल के पास रखे गए हैं। उन्होंने स्थानीय निवासी शाकिर और रहमान पर गोहत्या में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की, साथ ही पुलिस पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया।

संयुक्त पुलिस आयुक्त आशुतोष कुमार ने बताया कि मौके के निरीक्षण और प्रारंभिक जांच के बाद बिल्हौर के थाना प्रभारी अशोक कुमार सरोज, चौकी प्रभारी प्रेमवीर सिंह, बीट अधिकारी आफताब आलम और हेड कांस्टेबल दिलीप गंगवार को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि चार अन्य को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

कुमार ने कहा, “घटनास्थल बिल्हौर थाने की सीमा के भीतर डेढ़ किलोमीटर के दायरे में आता है। नियमित गश्त के दावों के बावजूद ऐसी घटना होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है, जिस पर सख्त कार्रवाई की गई है।”

पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पांच कारों में तोड़फोड़ की गई, हालांकि स्थिति को शीघ्र ही नियंत्रण में कर लिया गया। स्थानीय निवासियों और हिंदू संगठनों का आरोप है कि अवशेष गौरी–कटरा मार्ग स्थित दुर्गा मंदिर के पास जानबूझकर फेंके गए थे और पूर्व में की गई शिकायतों पर पुलिस ने ध्यान नहीं दिया।

मामले को लेकर मंगलवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए। करीब 100 वकीलों ने मार्च निकालकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी संजीव दीक्षित को सौंपा। इस बीच, भाजपा विधायक राहुल सोनकर ने अपर पुलिस उपायुक्त कपिल देव सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। उन्होंने आरोप लगाया कि बरामद अवशेषों की मात्रा लंबे समय से चल रही अवैध गतिविधि की ओर इशारा करती है और पुलिस से 48 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई की मांग की।

विधायक के बिल्हौर थाने के दौरे के दौरान उनके समर्थकों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए नारे लगाए। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए इलाके में प्रादेशिक आर्म्ड कांस्टेबुलरी (पीएसी) के जवान तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ, उसकी पहचान की परवाह किए बिना, कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पशुओं के अवशेषों को कब्रिस्तान की चारदीवारी से सटे एक खेत में टिन के बाड़े के अंदर छिपाया गया था। बताया गया है कि यह खेत स्थानीय निवासी शाकिर का है और पास के एक शेड में भी अवशेष मिले हैं, जो कथित तौर पर उसी का है। अवशेषों का पोस्टमार्टम कराने के लिए पशु चिकित्सकों को बुलाया गया है, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर शेड को सील कर दिया गया है।

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