लखनऊ, तीन फरवरी । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित राज्य के पहले दवा सम्मेलन में मंगलवार को देश-विदेश की प्रमुख फार्मा कंपनियों के चेयरमैन और शीर्ष नेतृत्व ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में आए व्यापक बदलावों की खुलकर सराहना की। उद्योग जगत के दिग्गजों ने मजबूत कानून-व्यवस्था, बेहतर शासन और निवेश के अनुकूल वातावरण को उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताया।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सम्मेलन में मौजूद फार्मा उद्योग के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी और संरचनात्मक सुधार हुए हैं, जो न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए दिशा तय करने वाले हैं।
राज्यसभा सदस्य और रामकी समूह के चेयरमैन अयोध्या रामी रेड्डी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जो परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं, वे अभूतपूर्व हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रदेश आज क्या है और भविष्य में क्या बनने जा रहा है। रेड्डी ने अपने चार दशक के अनुभव का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 40 वर्षों में उन्होंने उत्तर प्रदेश में ऐसा सकारात्मक और भरोसेमंद माहौल पहले कभी नहीं देखा।
टोरेंट ग्रुप के उपाध्यक्ष जीनल मेहता ने कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, जिससे उद्योग जगत का भरोसा लगातार बढ़ा है।
मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन और मेरठ के मूल निवासी रमेश जुनेजा ने कहा कि आज प्रदेश में देर रात भी लोग खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। यही वजह है कि निवेशक उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रहे हैं और लगातार यहां निवेश कर रहे हैं।
डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के चेयरमैन सतीश रेड्डी ने कहा कि फार्मा क्षेत्र में भारत की वैश्विक भूमिका मजबूत हुई है, जिसका स्पष्ट उदाहरण कोविड-19 महामारी के दौरान देखने को मिला, जब भारत ने दुनिया को दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध कराईं।
पद्मश्री से सम्मानित और सन फार्मास्युटिकल के चेयरमैन दिलीप सांघवी ने कहा कि सन फार्मा आज देश की सबसे बड़ी और दुनिया की चौथी सबसे बड़ी फार्मा कंपनी है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है, जहां कंपनी अपनी विनिर्माण इकाइयां स्थापित करने को लेकर गंभीरता से विचार कर रही है।
सम्मेलन में फार्मा उद्योग के दिग्गजों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट हुआ कि उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख फार्मा और निवेश केंद्र के रूप में उभर रहा है।
