उत्तर प्रदेश: कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच नववर्ष पर धार्मिक स्थलों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच नववर्ष पर धार्मिक स्थलों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

प्रयागराज/मिर्जापुर/वाराणसी/अयोध्या (उप्र), एक जनवरी। उत्तर प्रदेश में बृहस्पतिवार को कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने नववर्ष की शुरुआत त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर की और राज्य के प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भारी आस्था का माहौल देखा गया। प्रयागराज के घाट सुबह से ही पूजा-अर्चना और स्नान के लिए श्रद्धालुओं से भरे रहे, जबकि प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के व्यापक इंतजाम किए।

पत्नी और बेटे के साथ आए बृजेश केसरवानी ने बताया कि नए साल की शुरुआत उन्होंने अपने परिवार की खुशी और सद्भाव की कामना करते हुए की। कुलदीप यादव ने कहा कि वे शांतिपूर्ण वर्ष के लिए गंगा का आशीर्वाद लेने आए हैं।

मिर्जापुर में विंध्याचल धाम में प्रशासन ने 1.5 से 2 लाख श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए। मंदिर परिसर और प्रमुख मार्गों पर हीटर और अलाव की व्यवस्था की गई थी, साथ ही रात्रि विश्रामगृह भी तैयार किए गए। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए और दर्शन के लिए प्रतिबंधात्मक उपाय किए गए। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कहा कि लंबी कतारों को व्यवस्थित किया जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को शीघ्र और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।

वाराणसी जंक्शन माघ मेले की तैयारियों में जुटा है, जो 15 फरवरी से 44 दिन तक चलेगा। रेलवे ने भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष ‘होल्डिंग एरिया’, अतिरिक्त आरपीएफ और जीआरपी कर्मियों की तैनाती, 24 घंटे चिकित्सा सुविधाएं और 120 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी सुनिश्चित की है। माघ मेले के दौरान पांच विशेष ट्रेनें भी चलाई जाएंगी।

अयोध्या में भी राम मंदिर और सरयू घाट पर भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। भक्तों ने रामलला के दर्शन के साथ नए साल की शुरुआत को आध्यात्मिक संकल्प के रूप में लिया। महिला श्रद्धालु नंदिनी जोशी ने मंदिर प्रशासन की सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं की प्रशंसा की, जबकि सरोज पटेल ने कहा कि दर्शन के बाद उन्हें मानसिक शांति प्राप्त हुई।

मथुरा और वृंदावन में भी प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ी, जहां लोगों ने बांके बिहारी और राधा रानी मंदिर में पूजा-अर्चना की। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने कहा कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को राज्य भर में कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं और पुलिस अधिकारी तथा कर्मी लगातार तैनात हैं।

नववर्ष के पहले दिन उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों में उमड़ी आस्था और प्रशासन की सतर्कता ने यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त हो सके।

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