लखनऊ/मेरठ/अलीगढ़/अमरोहा, 16 फरवरी : उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अदालत परिसरों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद सोमवार को सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर रहीं और विभिन्न स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल किसी भी स्थान से संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह जिला न्यायाधीश को ईमेल के जरिए अदालत में बम विस्फोट की धमकी दी गई। सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की निगरानी में बम निरोधक दस्ते और श्वान दस्ते की सहायता से अदालत परिसर की गहन तलाशी ली गई। चैंबर, न्यायालय कक्षों और कूड़ेदानों तक की जांच की गई। लगभग चार घंटे चले अभियान में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
इसी प्रकार मेरठ की जिला अदालत को भी ईमेल के माध्यम से बम विस्फोट की धमकी दी गई। एहतियातन परिसर खाली कराकर व्यापक तलाशी ली गई और सर्विलांस ड्रोन से बहुमंजिला सत्र न्यायालय भवन की भी जांच की गई। अधिकारियों ने बताया कि जांच में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला और अदालतों का कामकाज बाद में सामान्य रूप से शुरू कर दिया गया।
वाराणसी में पूर्व में मिली धमकी के बाद बंद की गई जिला अदालत को सोमवार को फिर खोला गया, जहां परिसर खुलते ही पुलिस, पीएसी और बम निरोधक दस्ते ने संयुक्त तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संदिग्ध ईमेल भेजने वाले की पहचान की जा रही है।
अमरोहा में भी अदालत की आधिकारिक ईमेल आईडी पर धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ, जिसमें निर्धारित समय पर विस्फोट की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई और आने-जाने के सभी मार्गों पर निगरानी कड़ी कर दी गई। बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर की जांच की।
आजमगढ़ में दीवानी अदालत को धमकी मिलने के बाद एहतियात के तौर पर परिसर खाली कराया गया और पुलिस बल तैनात कर दिया गया। वकीलों, कर्मचारियों और वादियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया तथा प्रत्येक कक्ष, रिकॉर्ड रूम और पार्किंग क्षेत्र की जांच की गई।
उधर अलीगढ़ में बम की सूचना के बाद पुलिस और प्रशासन ने संभावित आपदा से निपटने की तैयारी परखने के लिए दीवानी अदालत परिसर में ‘मॉक ड्रिल’ आयोजित की। अधिकारियों ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत कम समय में पूरे परिसर को खाली कराया गया और आपात प्रतिक्रिया व्यवस्था का परीक्षण किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी मामलों में अब तक कोई विस्फोटक सामग्री बरामद नहीं हुई है, लेकिन एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और धमकी भरे ईमेल भेजने वालों की पहचान के प्रयास जारी हैं।
