रामपुरहाट, छह जनवरी । तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को दावा किया कि नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़ी सुनवाई का नोटिस भेजा गया है। उन्होंने इसे “बांग्ला विरोधी राजनीति” करार देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से पश्चिम बंगाल के सियासी परिदृश्य से भाजपा का “नामोनिशान मिटाने” और आगामी विधानसभा चुनावों में 250 सीटें जीतने का आह्वान किया।
बीरभूम जिले के रामपुरहाट में जनसभा को संबोधित करते हुए अभिषेक ने आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार बंगाल को निशाना बनाने के लिए निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि अमर्त्य सेन के अलावा अभिनेता देव और क्रिकेटर मोहम्मद शमी जैसे प्रतिष्ठित लोगों को भी एसआईआर से जुड़े नोटिस भेजे गए हैं।
हालांकि, अमर्त्य सेन के परिवार के एक सदस्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि उन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से अब तक कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। परिवार के अनुसार, सेन का गणना फॉर्म विधिवत भरा और जमा किया गया था तथा उन्होंने पूर्व में मतदान भी किया है।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इस कथित अपमान का जवाब आगामी चुनावों में दिया जाएगा और बीरभूम की सभी 11 विधानसभा सीटों पर जीत सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने समर्थकों से हर सीट पर जीत का अंतर बढ़ाने और भाजपा उम्मीदवारों की जमानत जब्त कराने का आह्वान किया।
तृणमूल नेता ने मतदाताओं को आश्वस्त किया कि पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची से नहीं हटाए जाएंगे। जिन लोगों के नाम मसौदा सूची से हट गए हैं, उन्हें फॉर्म भरकर पुनः शामिल कराने और तृणमूल के सहायता शिविरों से संपर्क करने की सलाह दी।
रैली के बाद अभिषेक रामपुरहाट सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सोनाली खातून से मुलाकात की, जिन्हें पहले बांग्लादेश निर्वासित किया गया था और बाद में शीर्ष अदालत के आदेश पर भारत वापस लाया गया। उन्होंने कहा कि केवल बांग्ला में बात करने के कारण एक मां को झेलनी पड़ी पीड़ा के लिए भाजपा को राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके बाद अभिषेक बनर्जी ने तारापीठ काली मंदिर में दर्शन किए।
